कतर में रुपए से शॉपिंग करके मीका ने पीएम को किया सैल्यूट, जानिए दुनिया में कितनी बढ़ी भारतीय करेंसी की ताकत
दुनियाभर में जिस तरह से रुपए की ताकत बढ़ रही है उसके बाद मीका सिंह ने पीएम मोदी को किया है सैल्यूट। जानिए किन देशों में रुपए को स्वीकार किया जाता है।

Power of Indian Currency: कभी आपने सोचा है कि जब आप भारत से बाहर यात्रा कर रहे हो, कहीं दूसरी देश में घूमने आए हों और आपके पास सिर्फ रुपया हो, जिसे दूसरे देश में स्वीकार किया जाए तो कैसा लगेगा। निसंदेह आपको गर्व की अनुभूति होगी, आपको अच्छा लगेगा कि रुपया यहां भी स्वीकार किया जाता है।
दरअसल बॉलीवुड सिंगर मिका सिंग ने दोहा की राजधानी कतर से एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, यह गर्व की बात है कि भारतीय रुपया दोहा एयरपोर्ट पर स्वीकार किया जा रहा है। मैं लुईस वेटन के शोरूम में हूं, यहां भारतीय रुपए को स्वीकार किया जा रहा है। आप यहां किसी भी रेस्टोरेंट में भारतीय रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह जबरदस्त है। पीएम मोदी साहब को मेरा सैल्यूट, जिन्होंने भारतीय रूपए को डॉलर की तरह यहां पहुंचाया है।
इन देशों में स्वीकार है भारतीय रुपया
गौर करने वाली बात है कि कतर के अलावा दुबई ड्युटी फ्री में भी भारतीय रुपए को स्वीकार किया जाता है। 1 जुलाई 2019 को जो नए नियम लागू हुए हैं उसके अनुसार दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1,2,3 में सभी प्वाइंट पर खरीद के लिए भारतीय रुपए का स्वीकार किया जाता है। इसके अलावा अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी रुपए को स्वीकार किया जाता है। हालांकि यहां रुपए के बदले लोगों को यूएई का दिरहम दिया जाता है नाकि रुपया। बता दें कि भारतीय रुपए का इस्तेमाल कई देशों में किया जा सकता है। जिसमे मुख्य रूप से नेपाल, भूटान, मालदीव, जिम्बाब्वे, बांग्लादेश शामिल हैं।
अब रुपए में होगा ट्रेड
भारतीय रिजर्व बैंक रुपए को दुनियाभर में ले जाने के लिए लगातार काम कर रहा है। भारत के रूपए को दुनिया के देशों में ले जाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपनी मुहिम शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत बिजनेस ट्रांजैक्शन के साथ हुई है। ट्रेडर्स अपने लेनदेन को रुपए में सेटल कर सकते हैं। रूस और श्रीलंका ने अपने ट्रेड को भारतीय रुपए में सेटल किया है। इसके अलावा कई और देश हैं जिन्होंने अपना ट्रेड भारतीय रुपए में सेटल किया है।

18 देश करेंगे भारतीय रुपए में ट्रेड
रूस और श्रीलंका के अलावा, मॉरीशस, मलेशिया, सिंगापुर, म्यांमार, इजराइल, जर्मनी ने अपने ट्रेड को रुपए में सेटल करने की व्यवस्था की है। इन सभी देशों ने इसके लिए खास बैंक खाता खोला है और ये भारतीय रुपए में ट्रेड करने के लिए तैयार हैं। रिजर्व बैंक ने 18 देशों के साथ ट्रेड सेटलमेंट रुपए में करने की इजाजतदे दी है। इसमे बोत्सवाना, फिजी, जर्मनी, गुयाना, इजराइल, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, रूस, सिसिली, सिंगापुर, श्रीलंका, तंजानिया, युगांडा, यूके शामिल हैं। भारत की ओर से यह फैसला मुख्य रूप से निर्यात को बढ़ाना देने के लिए किया गया है।
कैसे होगा रुपए में ट्रेड
ऐसे में एक सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर कैसे यह सिस्टम काम करता है, कैसे इस सिस्टम के तहत लेन देन होता है। ट्रेड को भारतीय रुपए में सेटल करने के लिए वॉस्ट्रो अकाउंट खोलना होता है। वॉस्ट्रो लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ होता है आपका। वॉस्ट्रो अकाउंट भारत के बैंक में खुलता है। लेकिन इसे सामान्य तौर पर दूसरे बैंक की ओर से ऑपरेट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर रूस में कोई ट्रेडर रूपए में अपना पेमेंट करना चाहता है, रूस का बैंक भारतीय बैंक के पास जाएगा और कहेगा कि आप एक बैंक खाता खोलिए और मेरी ओर से पेमेंट को स्वीकार करिए। जिसके बाद ट्रेडर कोई भी भुगतान भारतीय रुपए में भारतीय बैंक में कर सकेगा, लेकिन इस भुगतान की एंट्री रूस का बैंक अपने रजिस्टर में दर्ज करेगा। यानि पैसा रूस का होगा, लेकिन इसे रखा भारत के बैंक में जाएगा।

भारत में कर सकते हैं निवेश
आखिर रूस इस पैसे को ले कैसे सकता है, कैसे इससे कुछ खरीद सकता है। इस सवाल को समझने के लिए मान लीजिए अगर रूस भारत के बाजार में कुछ खरीदना चाहता है तो वह इस रूपए का इस्तेमाल उसे खरीदने के लिए कर सकता है। साथ ही रूस अपने इस पैसे को भारत सरकार के बॉन्ड में निवेश कर सकता है। स्पेशल प्रोजेक्ट में निवेश कर सकता है, आयात-निर्यात के लिए इस्तेमाल कर सकता है। यानि रूस का बैंक भारत के बैंक में अपना खाता खोल सकता है और इसका इस्तेमाल भारत में कर सकता है।
वॉस्ट्रो अकाउंट से होगा ट्रेड
समझने वाली बात है कि हमने रूस को एक उदाहरण के तौर पर आपके सामने रखा है। ऐसे में जो भी देश भारत के साथ रुपए में ट्रेड करना चाहता है, उसे वॉस्ट्रो अकाउंट खोलना होगा और फिर वह भारतीय रुपए में ट्रेड कर सकता है। हालांकि यह थोड़ी जटिल प्रक्रिया है, लेकिन इसका बड़ा लाभ यह है कि आपको दूसरे देश की मुद्रा को एक्सजेट नहीं कराना पड़ता है और इसपर अतिरिक्त कर नहीं देना पड़ता है।
भारत को क्या फायदा
इस ट्रेड के जरिए भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बेहतर तरह से मैनेज कर सकता है। डॉलर का इस्तेमाल करने की बजाए रुपए का इस्तेमाल किया जाएगा। यानि डॉलर के नीचे गिरने से भारत पर इसका असर नहीं पड़ेगा। इसके जरिए भारत अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित कर सकता है। उदाहरण के तौर पर भारत ने रूस के तेल को रुपए में खरीदा था। डॉलर को दरकिनार करके भारत ने इसे भारतीय रूपए में खरीदा था। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि भारत दूसरे देशों के साथ अधिक से अधिक रुपए में ट्रेड कर सकता है।












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