अब 2 लाख तक के गहने खरीदने पर PAN कार्ड जरूरी नहीं,
केंद्र सरकार ने सर्राफा व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में सरकार ने गहनों की खरीदारी को प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) से बाहर कर दिया गया है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सर्राफा व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में सरकार ने गहनों की खरीदारी को प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) से बाहर कर दिया गया है। इसके साथ ही अब 2 लाख तक के गहनों को खरीदने के पैन कार्ड देना जरूरी नहीं होगा। बता दें कि इससे पहले 50 हजार या उससे ज्यादा की गहनों की खरीदारी पर पैन कार्ड देना अनिवार्य था।

बता दें कि प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत 50,000 या उससे ऊपर की किसी भी चीज की खरीददारी पर पान कार्ड दिखाना अनिवार्य है। सरकार ने गहनों की खरीददारी को इस अधिनियम से बाहर निकालकर आयकर अधिनियम के अंदर ला दिया। आयकर अधिनियम के मुताबिक 2 लाख तक के किसी भी खरीददारी को बिना पैन कार्ड के किया जा सकता है।
बता दें कि जीएसटी परिषद की बैठक में सरकार ने सर्राफ व्यापारियों के अलावा छोटे कारोबारियों को भी बड़ी राहत देते हुए उनके रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद से व्यवसाय में हो रही परेशानी और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए हर महीने दाखिल किए जाने वाले रिटर्न की जगह तीन महीने में रिटर्न भरे जाने की मांग को मंजूरी दे दी है। कम्पाउडिंग स्कीम की सीमा 75 लाख से 1 करोड़ कर दी गई है। साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।












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