1 अप्रैल को आ जाएंगे ITR के नए फार्म, किए गए हैं कई अहम बदलाव, जानें पूरी डिटेल
1 अप्रैल से आकलन वर्ष 2023-24 के लिए नए आईटीआर फॉर्म उपलब्ध होंगे। इन नए फार्म में कई नए बदलाव भी किए गए हैं।

अगर आप वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने की तैयारी कर रहे हैं। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख है। वहीं दूसरी ओऱ सरकार नए वित्त वर्ष के लिए 1 अप्रैल से नए आईटीआर फार्म उपलब्ध कराने जा रही है। 1 अप्रैल से आकलन वर्ष 2023-24 के लिए नए आईटीआर फॉर्म उपलब्ध होंगे। वहीं अगर 2022-2023 के लिए लिए आईटीआर भरने से चूक जाते हैं। तो आपको भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर 1-6) और आयकर सत्यापन फॉर्म (आईटीआर वी) नोटिफाई कर दिए हैं। इन फॉर्म्स का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2022-23 में की गई आय के रिटर्न फाइलिंग के लिए किया जाएगा। वहीं इन फार्म में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। जिन्हे भरने से पहले जानना जरूरी है।

नए आईटीआर फॉर्म में ITR-1 सहज, ITR-2, ITR-3, ITR-4 सुगम, ITR-5, ITR-6, ITR-V और भारतीय आयकर रिटर्न पावती को शामिल किया गया है। इसमें रिटर्न फॉर्म के लिए शेड्यूल भी शामिल है। टैक्सपेयर्स की विभिन्न श्रेणियों के लिए कुल 7 प्रकार के आईटीआर फॉर्म हैं। आयकर विभाग के इन फॉर्म के जरिए टैक्सपेयर्स असेसमेंट ईयर (2023-24) का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
ITR 1 Sahaj- ये एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। इस फॉर्म का इस्तेमाल ऐसे टैक्सपेयर्स करते हैं, जिन्हें सैलरी, पेंशन या इंटरेस्ट से इनकम होती है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल इसी फॉर्म का होता है। ये फार्म वे लोग भर सकते हैं जिनकी वित्त वर्ष के दौरान कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक न हो। आय में वेतन, एक घर की संपत्ति, पारिवारिक पेंशन आय, कृषि आय (5000 रुपये तक) और अन्य स्रोतों से हुई इनकम शामिल है।
ITR- 2 म्युचुअल फंड, स्टॉक या अचल संपत्ति की बिक्री से पूंजीगत लाभ होता है या अगर एक से अधिक घर की संपत्ति है, तो ऐसे टैक्सपेयर्स को आईटीआर-2 दाखिल करने की आवश्यकता होती है। अगर प्रॉविडेंट फंड से ब्याज के तौर पर कमाई हो रही है, तब भी यही फॉर्म भरना पड़ता है।
ITR-3 आईटीआर फॉर्म नंबर-3 व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए है। इसके अलावा जिन लोगों को व्यवसाय से लाभ आय है, उन्हें यह फॉर्म भरना होगा। इसमें आईटीआर-1 और आईटीआर-2 में दी जाने वाली सभी इनकम कैटगरी की जानकारी देनी होती है। शेयर या प्रॉपर्टी की बिक्री से कैपिटल गेन होने अथवा ब्याज या डिविडेंड से इनकम होने पर भी यही फॉर्म भरना होता है।
ITR-4 सुगम - यह फॉर्म वैसे लोगों, अविभाजित हिंदू परिवारों और एलएलपी को छोड़ बाकी कंपनियों के लिए है, जिनकी टोटल इनकम 50 लाख रुपये से ज्यादा है। गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों या किसी कंपनी के निदेशकों में निवेश करने वाले व्यक्तियों पर यह लागू नहीं होता है।
ITR-5: इनकम टैक्स रिटर्न भरने का यह फॉर्म LLP कंपनियों, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स, बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स, आर्टिफिशियल ज्यूरीडिकल पर्सन, को-ऑपरेटिव सोसाइटी और लोकल अथॉरिटी के लिए है। वे इसे भरते हैं।
ITR 6 ये फार्म धारा 11 के तहत छूट का दावा करने वाली कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों को आईटीआर-6 फॉर्म में भरना होता है। यह फॉर्म उन कंपनियों के लिए है, जिन्होंने सेक्शन 11 के तहत छूट का दावा नहीं किया हो। सेक्शन 11 के तहत वैसी आय पर टैक्स से छूट मिलती है, जो किसी परमार्थ या धर्मार्थ कार्य के लिए ट्रस्ट के पास रखी संपत्ति से हो रही हो।
ITR V- फार्म को तब दाखिल किया जाता है जब कंपनियां सहित व्यक्ति धारा 139(4A) या धारा 139 (4B) या धारा 139 (4C) या धारा 139 4(D) के अंतर्गत आता हो।

नए फार्म में नए नियम
1- क्रिप्टो और वर्चुअल प्रॉपर्टी के लिए नए प्रावधान- इसके लिए एक कॉलम को जोड़ा गया है। इसमें वित्त वर्ष 2022-23 में क्रिप्टो और अन्य वर्चुअल डिजिटल असेट से कोई आय अर्जित की है। तो आपको ऐसी आय को नए आईटीआर फॉर्म में प्रदान किए गए एक अलग शेड्यूल में रिपोर्ट करना होगा।
2 -नए प्रावधान के तहत ट्रेडिंग से होने वाली आय को इंट्रा-डे ट्रेडिंग और डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग में बांटा गया है। ITR3/ITR5/ITR6 में जानकारी देनी होगी।
3- आयकर अधिनियम की धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले व्यक्तियों के लिए Disclosure का एक विकल्प भी जोड़ा गया है।
4- इसे अलावा नए फार्म में करदाताओं को यह खुलासा करना होगा कि वे विदेशी संस्थागत निवेशक हैं या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक हैं या नहीं।
5- 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म में आईटीआर 3 और आईटीआर 4 में एक नई प्रश्नावली जोड़ी गई है। करदाता दावारा पिछले वर्षों में New Tax Regime को लेकर जानकारी देनी होगी।

आईटीआर भरने से चूके तो देना होगा जुर्माना
यदि आप आयकर रिटर्न भरने की तारीख चूक गए हैं। तो आप पर भारी जुर्माना लग जाएगा। इसके लिए आपको धारा 234F के तहत, 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। यदि कुल आय 5 लाख रुपये से कम है, तो इसे घटाकर 1000 रुपये कर दिया जाएगा। यदि आप समय सीमा के बाद अपना रिटर्न जमा करते हैं, तो आपको धारा 234A के तहत प्रत्येक महीने 1 फीसदी की दर से या बकाया कर का ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
नए आईटीआर फॉर्म 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे। व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स इस साल 31 जुलाई 2023 तक टैक्स दाखिल कर पाएंगे। लोग सालाना 2.5 लाख रुपये की मूल छूट सीमा से अधिक कमाते हैं, उन्हें समय सीमा से पहले अपना आईटीआर जमा करना होगा। हालांकि, 5 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले व्यक्ति जो छूट के लिए अर्हता प्राप्त करते हैं, उन्हें करों का भुगतान करने से छूट दी गई है।












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