MRF Share: एक लाख का एमआरएफ शेयर, आखिर क्यों बढ़े इतने दाम, क्या ये महंगा है?
MRF Share: शेयर बाजार में अगर सबसे अधिक कीमत के शेयर की बात करें तो एमआरएफ कंपनी का शेयर एक लाख रुपए के पार जा चुका है। यहां इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि हम एमएआरएफ यानि मद्रास रबर फैक्ट्री को सबसे अधिक कीमत वाला शेयर कह रहे हैं नाकि सबसे महंगा शेयर।
दरअसल किसी भी कंपनी के शेयर का आंकलन इस बात से कतई नहीं लगाना चाहिए कि उस कंपनी का एक शेयर कितने में है। बल्कि उस कंपनी के शेयर ने गत वर्षों में कितना रिटर्न दिया है, इस बात पर कंपनी के शेयर के महंगे या सस्ते होने का सही आंकलन लगाया जा सकता है।

शेयर महंगा-या सस्ता कैसे हो तय?
अक्सर लोगों को यह भ्रम होता है कि अगर किसी कंपनी का एक शेयर 10 हजार, 15 हजार या एक लाख का है तो यह महंगा होगा, जबकि किसी कंपनी का शेयर 100 रुपए का या 10 रुपए का हो तो यह सस्ता होगा।
लेकिन बाजार की हकीकत यह है कि किसी कंपनी का एक शेयर अगर 100 रुपए का हो तो वह महंगा हो सकता है जबकि किसी कंपनी का शेयर एक लाख रुपए का हो तो भी वह सस्ता हो सकता। इस बात का निर्धारत पूरी तरह से कंपनी द्वारा दिए गए रिटर्न से जुड़ा है।
कैसे तय होता है शेयर का दाम
अगर कंपनी के किसी भी शेयर के दाम की बात करें तो यह इस बात से तय होता है कि बाजार में लिस्ट होने के बाद कंपनी ने कैसा प्रदर्शन किया है और क्या कंपनी के शेयर में स्प्लिट हुआ है या नहीं।
क्या होता शेयर स्प्लिट
दरअसल जब किसी कंपनी का शेयर का दाम बढ़ता है तो कंपनियां इसे स्प्लिट करते हैं, इसका मुख्य मकसद यह होता है कि छोटे से छोटा निवेशक भी कंपनी में निवेश कर सके और ट्रेड कर सके। इसी को ध्यान में रखते हुए आयशर मोटर्स, एल्डिको समेत तमाम कंपनियों ने अपने शेयर को स्प्लिट किया।
यानि अगर आपके पास किसी कंपनी का 100 रुपए के दाम पर एक शेयर हैं और कंपनी ने इसे 1:1 में स्प्लिट किया तो आपके पास कंपनी के दो शेयर हो जाएंगे, लेकिन अब एक शेयर का दाम 50 रुपए ही रह जाएगा। यानि कंपनी में आपका निवेश कम-ज्यादा नहीं हुआ बल्कि शेयर की संख्या बढ़ गई।
आखिर क्यों MRF का शेयर एक लाख के पार
दरअसल एमआरएफ का शेयर जब बाजार में आया तो यह तकरीबन 1100 रुपए का था, लेकिन अब यह एक लाख रुपए को पार कर गया है। कंपनी का शेयर कभी ना स्प्लिट होने की वजह है कि कंपनी चाहती है कि उसकी कंपनी में लंबी अवधि के ही निवेशक निवेश करें, कंपनी नहीं चाहती है कि शॉर्ट टर्म गोल के लिए लोग कंपनी में ट्रेंडिंग करें या फिर निवेश करें।
क्या निवेश करना चाहिए?
एक्सपर्ट का मानना है कि इस कंपनी में अभी भी निवेश किया जा सकता है, भविष्य में भी कंपनी की ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं। हालांकि कंपनी में निवेश सिर्फ उन्ही लोगों को करना चाहिए जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और इस शेयर को खरीदने की क्षमता रखते हैं। फिलहाल यह शेयर 51 के पीई रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जोकि 55 के पीई तक 12 महीने पहले पहुंचा था।
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