राजन ने चेताया- वित्तीय स्थिरता के लिए घातक होगी छूट
मुंबई। सितंबर महीने की 4 तारीख को भारतीय रिजर्व बैंक से विदा होने वाले गवर्नर रघुराम राजन ने शुक्रवार को रिजर्व बैंक की ओर से 'राष्ट्रीय महत्व' की गतिविधियों के लिए किसी तरह की छूट देने से खारिज किया।

रिजर्व बैंक कोई समझौता नहीं कर सकता
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक प्रणालीगत स्थिरता से कोई समझौता नही कर सकता। सरकार को इन कामों के लिए आर्थिक सहायता देनी चाहिए।
राजन ने कहा कि रिजर्व बैंक की ओर से प्रणालीगत स्थिरता को दरकिनार करने से बेहतर है कि सरकार सीधे तौर पर उन गतिविधियों को सहायता प्रदान करें जो राष्ट्रीय महत्व के हैं।
सावधान रहने की जरूरत
फॉरन एक्सचेंज डीलर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में राजन ने कहा कि हालांकि रिजर्व बैंक लिबरलाइज़ कर रहा है लेकिन इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है कि मितव्ययी मानकों को सिर्फ इसलिए छूट न दी जाए कि किसी संस्था या फिर गतिविधि को राष्ट्रीय महत्व का मान लिया जाए।
राजन ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधि करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी गतिविधियों के लिए कम कीमत प्रदाता की अपेक्षा रखना या फिर बड़े स्तर पर छूट देना या फिर बाहरी वाणिज्यिक उधार लेा प्रणालीगत जोखिम को बढ़ा सकता है।
राजन ने आगे कहा कि बुनियादी ढांचे के कई प्रोजेक्ट्स बहुपक्षीय एजेंसियों या फिर जपान सरीखी सरकारों की ओर से वित्तपोषित हैं जहां मुनाफा बहुत कम है।












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