16 के बजाय पैकेट में निकले 15 बिस्किट, शख्स पहुंचा उपभोक्ता फोरम तो मिला 1 लाख का हर्जाना
एक शख्स ने बिस्किट के कई पैकेट खरीदे। उसने जब उसे खोला, तो देखा कि उसमें एक बिस्किट कम था। वैसे तो आम आदमी ऐसी चीजों को इग्नोर कर देता है, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में कर दी। इस पर अब बहुत ही शानदार फैसला आया है।
उपभोक्ता फोरम ने मामले में कंपनी की गलती मानी है। साथ ही शिकायतकर्ता को एक लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। कंपनी ने अपनी सफाई में कई तरह के नियमों का हवाला दिया, लेकिन फोरम ने उसकी एक ना सुनी। साथ ही इसे ग्राहक के साथ धोखा माना।

ये मामले दिसंबर 2021 का है। उस वक्त एक शख्स मनाली घूमने गया था। उन्होंने कुत्तों को खिलाने के लिए एक रिटेल स्टोर से आईटीसी के दो दर्जन सन फीस्ट मैरी लाइट बिस्किट खरीदे। उन्होंने जब पैकेट खोला तो हैरान रह गए। उसमें 16 की जगह 15 बिस्किट ही थे।
उन्होंने स्टोर वाले से बात की, लेकिन वो कोई जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद उन्होंने आईटीसी से संपर्क किया, लेकिन उनकी ओर से भी कोई ढंग का स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम जाने का फैसला लिया।
याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि एक बिस्किट की कीमत 75 पैसे के करीब आ रही। कंपनी एक दिन में 50 लाख पैकेट का उत्पादन करती है। ऐसे में देखा जाए, तो वो हर दिन 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर रही है।
कंपनी ने दिया ये जवाब
कंपनी ने भी कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उसने कहा कि कोई भी उत्पाद केवल वजन के आधार पर बेचा जाता है, पैकेट के अंदर मौजूद यूनिट के आधार पर नहीं। जिस पैकेट को कंपनी ने बेचा, उसका वजन 76 ग्राम था।
इसके बाद आयोग ने जांच की, जिसमें पता चला कि कंपनी ने वजन में भी गड़बड़ी कर रखी है। पैकेट का वजन 76 की जगह 74 ग्राम ही मिला। फोरम में कंपनी की ओर से पेश वकील ने लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स, 2011 का हवाला दिया, जिसमें प्री-पैकेज्ड वस्तुओं के लिए 4.5 ग्राम की त्रुटि को गलत नहीं माना जाता।
कोर्ट ने उनकी दलील को खरीज कर दिया। साथ ही आईटीसी को अनुचित व्यापार प्रथानों को अपनाने का दोषी माना। कोर्ट ने साफ कहा कि जो दलील उनके वकील दे रहे, वो अस्थिर प्रकृति की चीजों पर लागू है। ऐसे में वो याचिकाकर्ता को एक लाख का भुगतान करें।












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