इन्फोसिस के CEO की सैलरी 88 फीसदी बढ़ी, अब सालाना मिलेंगे 79 करोड़ रुपए
बेंगलुरु, 26 मई: देश के अग्रणी आईटी कंपनी इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख की सैलरी में इस साल जबरदस्त बढ़ोत्तरी की गई है। सलिल पारेख की सैलरी में 88 फीसदी का इजाफा हुआ है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक उनकी सैलरी 42 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस जबरदस्त हाईक के बाद वह भारत से सबसे अधिक सैलरी पाने वाले सीआईओ में एक बन गए हैं।

गुरुवार को जारी कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, नया एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट 2 जुलाई से प्रभावी होगा। वित्त वर्ष 2022 में सलिल पारेख को कुल 71.02 करोड़ रुपये का पैकेज मिला था। जो पिछले साल के मुकाबले 43 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान उन्हें बेस सैलरी के रूप में 5.69 करोड़ रुपये, रिटायरमेंट बेनिफिट्स के रूप में 38 लाख रुपये, टोटल फिक्स्ड सैलरी के रूप में 6.07 करोड़ और वेरिएबल पे के रूप में 12.62 करोड़ रुपये मिले। साथ ही इसमें 52.33 करोड़ रुपये का आरएसयू या प्रतिबंधित स्टॉक ऑप्शंस शामिल है।
सॉफ्टवेयर कंपनी ने सीईओ सलिल पारेखकी सैलरी में की गई जबरदस्त बढ़ोतरी को सही ठहराते हुए कहा कि इंफोसिस ने सलिल के नेतृत्व में शानदार ग्रोथ हासिल की है। पारेख को इसका इनाम दिया गया है। उनके नए वेतन में परफॉरमेंस बेस्ड कंपनसेशन 77 फीसदी से बढ़कर 86 फीसदी हो जाएगा। फाइनेंशियल ईयर 2018 में कंपनी का रेवेन्यू 70,522 करोड़ रुपये था जो फाइनेंशियल ईयर 2022 में 1,21,641 करोड़ रुपये पहुंच गया है। नई वेतन वृद्धि सीईओ और एक औसत इंफोसिस कर्मचारी के बीच की खाई को और बढ़ाएगी। वर्तमान में, सीईओ और कर्मचारियों के औसत पारिश्रमिक का अनुपात 229 और 872है।
वेतन वृद्धि की घोषणा पारेख को पांच और वर्षों के लिए प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में फिर से नियुक्त करने के कुछ दिनों बाद आई है। जो एक ऐसे लीडर में विश्वास का संकेत है जिसने कंपनी को बदल दिया और स्थिरता बहाल कर दी। सलिल पारेख का नया कार्यकाल 1 जुलाई, 2022 से लेकर 31 मार्च, 2027 तक चलेगा। पारेख को आईटी इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने जनवरी 2018 में इन्फोसिस मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ का पद संभाला था। उससे पहले वह 25 साल तक कैपजेमिनी में काम कर चुके थे।
कंपनी की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि सलिल पारेख के नेतृत्व में कंपनी का कुल शेयरहोल्डर रिटर्न 314 फीसदी रहा है। यह आईटी कंपनियों में सबसे ज्यादा है। सलिल की सैलरी देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के सीईओ राजेश गोपीनाथन से भी ज्यादा हो गई है। गोपीनाथन की सैलरी फाइनेंशियल ईयर 2022 में लगभग 26.6 फीसदी बढ़कर 25.77 करोड़ रुपये की गई थी। विप्रो अपने सीईओ के 64.34 करोड़ रुपए, एचसीएल टेक अपने सीईओ को 32.21 करोड़ और टेक महिंद्रा अपने सीईओ को 22 करोड़ रुपए सालाना देती है।












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