Oil Prices: तेल की कीमतों ने छुड़ाए पसीने, खपत पिछले 5 महीने के निचले स्तर पर
नई दिल्ली। तेल की बढ़ती कीमतों की मार का असर अब इसकी खपत पर साफ दिखने लगा है। दुनिया में तेल के तीसरे सबसे बड़े आयातक और उपभोक्ता भारत में ईंधन की खपत में फरवरी में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही इसकी खपत पिछले साल सितंबर से अब तक सबसे निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है।

गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में तेल की खपत फरवरी में 4.9 प्रतिशत घटकर 1.72 करोड़ टन सालाना हो गई। मासिक आधार पर मांग में 4.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
विश्लेषकों के मुताबिक खपत में रिकवरी के पहले इसकी कीमतों में कमी आने की संभावना है क्योंकि लोग अभी भी यात्रा के लिए मन नहीं बना पा रहे हैं।
इसके पहले जनवरी में भी भारत ने पिछले 5 महीने में लगातार गिरावट दर्ज की थी। दुनिया में बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों के साथ ही भारत में भी गैस और तेल की कीमतों में बेतहाशा उछाल देखा गया है।
भारत ने की थी उत्पादन बढ़ाने की अपील
इस महीने की शुरुआत में भारत ने कहा था प्रमुक उत्पादक देशों द्वारा तेल उत्पादन में कटौती के फैसले से इसकी कीमतें बढ़ रही हैं जिसके चलते कई देशों में तेल की खपत में कमी देखी जा सकती है। यही नहीं भारत ने प्रमुख उत्पादक देशों से तेल का उत्पादन बढ़ाने की अपील भी की थी ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना महामारी के असर को कम करने के लिए भारत जो कर सकता है वह कर रहा है लेकिन ओपेक देशों को भी कीमतों को स्थिर करने में मदद करनी चाहिए। ओपेक को उस मुर्गी को नहीं मारना चाहिए जो सोने के अंडे दे रही है।












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