इल्कर आयसी ने ठुकराया टाटा ग्रुप का प्रस्ताव, विरोध के चलते नहीं बनेंगे एयर इंडिया के CEO और MD
नई दिल्ली, मार्च 01। तुर्की एयरलाइंस के पूर्व अध्यक्ष और बड़े बिजनेसमैन इल्कर आयसी ने एयर इंडिया के CEO और MD के ऑफर को ठुकरा दिया है। आपको बता दें कि टाटा ग्रुप की तरफ से 14 फरवरी को एयर इंडिया के सीईओ और एमडी पद के लिए इल्कर आयसी के नाम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन टाटा समूह के इस प्रस्ताव को अब आयसी ने ठुकरा दिया है। बता दें कि जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया को खरीद लिया था। इसके बाद से ही एयरलाइंस में नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।

स्वदेशी जागरण मंच ने आयसी की नियुक्ति का किया था विरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच के विरोध के चलते इल्कर आयसी ने इस पद को स्वीकार करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि मेरी नियुक्ति की घोषणा से ही इसे अलग 'रंग' देनी की कोशिश की जा रही है, इसलिए मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि इस तरह के धारणाओं के बीच मैं इस पद को स्वीकार नहीं करूंगा। आपको बता दें कि स्वदेशी जागरण मंच ने ही आयसी की नियुक्ति का विरोध किया था।
आयसी की नियुक्ति का क्यों हुआ था विरोध?
स्वदेशी जागरण मंच ने इल्कर आयसी की नियुक्ति को लेकर पिछले शुक्रवार को कहा था कि सरकार को "राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए" आयसी की नियुक्ति को मंजूरी नहीं देनी चाहिए। एसजेएम के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा था कि सरकार इस मुद्दे को लेकर 'पहले से ही संवेदनशील' है और इस मामले को 'बहुत गंभीरता से' लिया है। एसजेएम ने कहा था कि आयसी की नियुक्ति कहीं ना कहीं राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। एसजेएम ने आयसी के संबंध पाकिस्तान से बताए थे।
आपको बता दें कि इलकर आयसी तुर्की के रहने वाले हैं और वह एविएशन एक्सपर्ट होने के साथ-साथ तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान के भी करीबी माने जाते हैं। भारत में किसी अहम कंपनी के अहम पद पर नियुक्ति के लिए विदेशी नागरकि को भारत सरकार से सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेने पड़ती है। तुर्की के राष्ट्रपति कई मौकों पर पाकिस्तान का साथ दे चुके हैं। ऐसे में कई मीडिया रिपोर्टों में यह कहा जा रहा था कि टाटा को इलकर आयसी के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस थोड़ा मुश्किल हो सकता है।












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