• search

बिना टैक्स घटाए भी इन 4 तरीकों से कम किए जा सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली । पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ देश में नाराजगी है, जिसका फायदा विपक्षी पार्टियां उठाने में जुटी है। विपक्ष जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकार को घेरने में जुटी है तो वहीं सरकार अंतरराष्ट्रीय कारणों का हवाला देकर अपना बचाव कर रही है। एनर्जी एक्सपर्ट डॉ. किरिट पारिख ने कहा है कि तेल पर केंद्र सरकार बहुत अधिक टैक्स वसूल रही है, जिसकी वजह से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही है।उन्होंने कहा कि करीब 100 फीसदी टैक्स सरकार की तरफ से वसूला जा रहा है। अगर तेल की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल 81 रुपए प्रति लीटर और डीजल 72.83 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई।

    पढ़ें-इस शख्‍स के आइडिया पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें छोड़ दी गईं मार्केट के हवाले

     सरकार वसूलती है ज्यादा टैक्स

    सरकार वसूलती है ज्यादा टैक्स

    एनर्जी एक्सपर्ट डॉ पारिख के मुताबिक सरकार तेल पर जरूरत से ज्यादा टैक्स वसूलती है। पिछले 4 साल में पेट्रो प्रोडक्ट्स से सरकार का एक्साइज कलेक्शन दोगुना हो गया। साल 2014-15 में सरकार ने इससे 99,184 करोड़ रुपए कमाए थे, जबकि 2017-18 में ये कलेक्शन बढ़कर 2,29,019 करोड़ रुपए हो गई। वहीं तेल पर एक्साइज कलेक्शन से राज्यों की आय 4 साल में 1.37 लाख करोड़ से बढ़कर 1.84 लाख करोड़ हो गई।

     कैसे कम होंगे पेट्रोल-डीजल की कीमत ?

    कैसे कम होंगे पेट्रोल-डीजल की कीमत ?

    जानकारों की माने तो अगर सरकार नीतियों में बदलाव करे तो बिना टैक्स घटाए भी तेल की कीमत को कम किया जा सकता है। अगर तेल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए तो तेल की कीमतों पर लगाम लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी पेट्रोल की कीमत में केंद्र और राज्य के 50 फीसदी टैक्स जुड़ते हैं। जबकि जीएसटी की सबसे ऊंची दर 28 फीसदी है। ऐसे में अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए तो तेल की कीमतों पर लगाम लगेगा, अगर पेट्रोल की कीमतों के लिए 40 फीसदी का अलग ब्रैकेट भी बनाया जाए तो ये अभी से सस्ता पड़ेगा।

     कम कीमतों पर कच्चे तेल की सप्लाई

    कम कीमतों पर कच्चे तेल की सप्लाई


    जानकारों के मुताबिक अगर सस्ते दर पर कच्चे की सप्लाई की जाए तो कीमतों पर लगाम लगाया जा सकता है। ONGC देश की मांग का 20 फीसदी कच्चा तेल सप्लाई करती है। अगर सरकार रिटेलर्स को सस्ता पेट्रोल,डीजल मुहैया कराए तो तेल की कीमत कम हो सकती है। सरकार ONGC से कम डिविडेंड ले सकती है।

     पेट्रोल और डीजल की फ्यूचर्स ट्रेडिंग

    पेट्रोल और डीजल की फ्यूचर्स ट्रेडिंग

    सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए पेट्रोल और डीजल की फ्यूचर्स ट्रेडिंग कर सकती है। ऐसा करन से तेल की सही कीमत तय करने में मदद मिलेगी।

    इनके अलावा सरकार फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च कर सकती है। ऐसा होने से ग्राहक इन कॉन्ट्रैक्ट को अभी की कीमत पर खरीद कर भविष्य में एक तय तारीख पर इनकी डिलीवरी ले सकते हैं। इसके अलावा सस्ते दर पर कच्चे तेल के लिए सरकार दूसरे देशों को अपने साथ लेकर OPEC पर दबाव तेज कर सकती है।

    पढ़ें-SBI ने बदला कैश डिपॉजिट का बड़ा नियम, अब दूसरे के बैंक खाते में नहीं जमा कर पाएंगे कैश, जानिए क्या है वजह

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    How your fuel bill may be brought down without cutting taxes , Here is the 4 ways.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more