क्या आप ऑनलाइन फ्रॉड के हो गए शिकार? तो ऐसे पाएं पूरे पैसे वापस

Online Fraud:मोबाइल एप्लिकेशन विभिन्न प्रकार की सेवाओं तक पहुंचना आसान बनाते हैं। सुनिश्चित करें कि आप सत्यापित ऐप्स इंस्टॉल कर रहे हैं, जो कि केवल Google Play Store, Apple App Store या Windows App Store पर ही उपलब्ध हो।

Online Fraud

Cyber Fraud Money Refund: डिजिटल होने के कई फायदे हैं लेकिन यह हमें ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति अधिक संवेदनशील भी बनाता है। ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेन-देन ने पिछले कुछ वर्षों में हमारे जीवन को बहुत आसान बना दिया है, अधिकांश ग्राहक, दुकानें, यहां तक ​​कि छोटे-छोटे विक्रेता भी नकद भुगतान के इन तरीकों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

नोटबंदी के बाद ऑनलाइन लेनदेन में तेज उछाल आया है। इसके अलावा, पिछले साल महामारी ने अधिक से अधिक लोगों को नकद लेनदेन की तुलना में ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, ऑनलाइन लेन-देन में वृद्धि ने वित्तीय घोटालों को भी बढ़ा दिया है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकों ने ₹70,000 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। ये धोखाधड़ी मुख्य रूप से क्रेडिट/डेबिट कार्ड, इंटरनेट लेनदेन आदि से संबंधित थीं।

चलिए अब आपको बताते हैं कि अगर ठगों ने आपका अकाउंट खाली कर दिया तो इसे कैसे वापस पा सकते हैं
1.साइबर ठगी होने की स्थिति में आपको तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करनी चाहिए। शिकायत दर्ज करने के बाद आपके पैसे के दोबारा मिलने का चांस पूरा बढ़ जाता है। यह नंबर गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल का सेंट्रलाइज नंबर है। जो पूरे देशभर में लागू है।
2. इसके तुरंत बाद गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर कंप्लेंट करें।
3. फिर आप अपने बैंक में जाकर इसकी पूरी जानकारी दें। खाते को ब्लॉक करा दें। कई बार ठग एक बार पैसे निकालने के बाद विक्टिम के खाते से दोबारा पैसे निकालने की कोशिश करता है। यदि आपके मोबाइल से सेंध लगाई है तो सिम प्रोवाइडर कंपनी को कॉल करके अपने सिम को ब्लॉक कराएं।
4.आपको अपने साथ हुई ठगी की शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर दर्ज करानी होगी। शिकायत दर्ज कराते समय आपको बैंक पासबुक रिकॉर्ड की कॉपी, आईडी और एड्रेस प्रूफ की कॉपी पुलिस स्टेशन में जमा करनी होगी।ये हैं

देश के सात 'साइबर फ्रॉड' के अड्डे (Online Fraud)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक देश में जामताड़ा और मेवात के अलावा चंडीगढ़, अहमदाबाद, हैदराबाद, विशाखापट्टनम और गुवाहाटी की साइबर अपराधियों के हाटस्पॉट के रूप में पहचान हुई है। अमित शाह ने बताया कि साइबर अपराध के शिकार लोगों को पैसा वापस दिलाने के लिए समय पर शिकायत करना जरूरी है। इसके लिए 1930 टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर पूरे देश में चालू हैं। इस नंबर पर समय रहते शिकायत किये जाने की वजह से 1.33 लाख से अधिक लोगों के ठगे गए 235 करोड़ रुपये वापस कराने में सफलता मिली है।

साइबर ठगी करने वाले 500 से अधिक मोबाइल एप किए गए ब्लॉक (Online Fraud)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक लोगों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 500 से अधिक मोबाइल एप्लिकेशन को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की सिफारिशों पर ब्लॉक कर दिया गया है। ताकि ठगे गए धन की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

20 लाख से अधिक साइबर क्राइम की शिकायतें दर्ज
गृह मंत्रालय के मुताबिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अब तक 20 लाख से अधिक साइबर क्राइम की शिकायतें और 40,000 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सीसीटीएनएस पर नागरिकों से 12.82 करोड़ से अधिक सेवा अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12.35 करोड़ अनुरोधों का राज्य पुलिस द्वारा निस्तारण किया गया है। NAFIS (फिंगर-प्रिंट सिस्टम) पर 1,05,80,266 रिकॉर्ड को एकीकृत किया जा रहा है, जिससे देश भर की पुलिस को ज्ञात अपराधियों के रिकॉर्ड तक पहुंचने में मदद मिल रही है।

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