20 लाख करोड़ नहीं खर्च के लिए मिलेंगे सिर्फ 4.2 लाख करोड़, यहां समझिए 'महापैकेज' का पूरा गणित
20 लाख करोड़ नहीं खर्च के लिए मिलेंगे सिर्फ 4.2 लाख करोड़, यहां समझिए 'महापैकेज' का पूरा गणित
नई दिल्ली। कोरोना संकट से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था तो बूस्ट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ये आर्थिक पैकेज देश के GDP के 10 फीसदी के बराबर है। सुनने में ये पैकेज बेहद विशाल लगता है, लेकिन इसके गणित को समझना भी जरूरी है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से सरकारी खजाने में बेहद कम रकम बची है। ऐसे में इतने बड़े आर्थिक पैकेज के लिए रकम आएगी कहां से? इन सब को समझने के लिए इस पैकेज के गणित को समझना जरूरी है।
Recommended Video

क्या है 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का गणित
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देश की GDP का करीब 10 फीसदी है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने कुछ दिनों पहले सेक्टर्स के सपोर्ट के लिए जो फैसले किए थे और कोरोना वायरस के लिए जो वित्त मंत्री द्वारा जो राहेत पैकेज की घोषणा की गई थी उसे मिलाकर यह रकम 20 लाख करोड़ रुपए होती है। यानी इस रकम में RBI द्वारा घोषित की गई 7.1 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की रकम शामिल है। सरकार इसका बड़ा हिस्सा पहले ही घोषित कर चुकी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने में नकदी बढ़ाने के लिए इस राहत पैकेज की घोषणा कर चुकी है। यानी 7.79 लाख करोड़ रुपए इसी 20 लाख करोड़ रुपए का हिस्सा है।

वित्त मंत्री ने किए कोरोना राहत पैकेज का ऐलान
लॉकडाउन शुरू होते ही वित्त मंत्री ने गरीबों और मजदूरों के लिए 1.70 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। इसके तहत जन धन खाता रखने वालों को कैश ट्रांसफर से लेकर अन्न देने की घोषणा की गई। वहीं हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए 15,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। यानी ये रकम भी इस 20 लाख करोड़ के पैकेज में शामिल है। अगर इन रकम को जोड़ दिया जाए तो फिर इस महापैकेज में 10.26 लाख करोड़ की ही रकम बचती है।

खर्च के लिए मिलेंगे मात्र 4.2 लाख करोड़
अगर आप सोच रहे हैं कि इस महापैकेज की घोषणा होते ही आपको ये रकम खर्च के लिए मिल जाएंगे तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालें। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस साल पैकेज में से 4.2 लाख करोड़ रुपए की रकम से ज्यादा खर्च करने के लिए नहीं दे सकेंगी। आपको बता दें कि हाल ही में सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बाजार कर्ज की सीमा को 7.8 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ कर दिया था। जिसके बाद जानकारों का मानना है कि सरकार कर्ज में ली गई 4.2 लाख करोड़ रुपए से अतिरिक्त रकम को ही इस पैकेज में खर्च के लिए आवंजिट कर सकेगी, जो कि सरकार के पास नकदी के तौर पर उपलब्ध है। यानी 4.2 लाख करोड़ रुपए खर्च के लिए मिलेगी, जो कि भारत के GDP का 10 फीसदी नहीं बल्कि 2.1 फीसदी के बराबर है।












Click it and Unblock the Notifications