यूनिलीवर ने फेमस 'फेयर एंड लवली' क्रीम का नाम बदला, बताई ये बड़ी वजह
नई दिल्ली। कस्टमर गुड्स कंपनी यूनिलीवर की भारतीय शाखा हिंदुस्तान यूनिलीवर ने गुरुवार को अपनी स्किन-लाइटनिंग क्रीम "फेयर एंड लवली" का नाम बदलने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नया ब्रैंड नेम सभी मंजूरी के बाद लॉन्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि, कंपनी ने यह फैसला दुनिया भर में रंगभेद के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए लिया है। हाल ही में स्किन टोन से संबंधित नकारात्मक रूढ़ियों को बढ़ावा देने को लेकर कंपनी को आलोचनाओं का समाना करना पड़ा था।

नए नाम के लिए अप्लाई किया
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, हम एक स्किन केयर पोर्टफोलियो के लिए प्रतिबद्ध हैं जो सौंदर्य की विविधता का जश्न मनाते हुए सभी स्किन टोन को शामिल करता है। इसीलिए हम उत्पादों से 'सफेदी' और 'लाइटनिंग' शब्दों को हटा रहे हैं। फेयर एंड लवली ब्रांड का नाम बदल रहे हैं। हम अपने उत्पाद सभी स्किन टोन के लोगों के लिए बनाते हैं। ऐसे में हमें अपनी भाषा में बदलवा की जरूरत है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने नए नाम के लिए अप्लाई किया है, जिसके लिए अभी रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है।

फेयरनेस क्रीम मार्केट में फेयर एंड लवली का 70 फीसदी हिस्सा
1975 में, हिंदुस्तान यूनिलीवर ने "फेयर एंड लवली" नाम की एक गोरा करने वाली क्रीम लॉन्च की। देश में गोरेपन की क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा "फेयर एंड लवली" के पास ही है। "फेयर एंड लवली" ने साल 2016 में 2000 करोड़ क्लब में प्रवेश कर चुकी है। आपको बता दें कि दुनिया में ब्लैक लाइव मैटर मूवमेंट चल रहा हैं। जिसके बाद पूरे विश्व में रंगभेद के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। ऐसे में कई भारतीय हस्तियों ने भी इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है।

नाम को लेकर दर्ज की गई थी आपत्ति
दरअसल प्रियंका चोपड़ा, करण जौहर, करीन कपूर खान सहित कई सेलेब्स ने ब्लैक लाइव्स मैटर हैशटैग के जरिए अश्वेतों के आंदोलन का समर्थन किया था। जिस पर एक्टर अभय देओल ने तंज कसा था। अभय देओल इन स्टार्स को कहा था कि इस आंदोलन को सपोर्ट करने से पहले अपने देश में हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने बॉलीवुड स्टार्स द्वारा फेयरनेस क्रीन और प्रोडक्ट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को शूट करने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सेलेब्स से पूछा था, 'क्या वे फेयरनेस क्रीम्स को बढ़ावा या समर्थन देना बंद करेंगे?












Click it and Unblock the Notifications