L&T चीफ के बाद अब HDFC के चेयरमैन बोले- मंद पड़ रही है इकॉनमी की रफ्तार
नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था की हालत को लेकर लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन एएम नाइक ने चिंता जाहिर की थी, जिसके बाद एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने भी कुछ इसी तरह की चिंता जाहिर की है। पारेख ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार में सुस्ती साफ दिखाई दे रही है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारों का मौसम नजदीक आते-आते हालात सामान्य होंगे।

दीपक पारेख के मुताबिक, समस्या को बढ़ाने में नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के समक्ष नकदी की कमी और बैंकों द्वारा कर्ज देने के प्रति सख्त अड़यिल रवैया अपनाना बड़ी वजहें हैं। उन्होंने कहा कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां कर्ज देने में झिझक रही हैं। पारेख ने कहा कि बैंकों ने कर्ज देने को लेकर अड़ियल रुख अपना रखा है। इसका कई सेक्टरों पर बुरा असर पड़ रहा है।
हालांकि, एचडीएफसी चेयरमैन ने उम्मीद जताई की त्योहारों का मौसम नजदीक आते हालात सामान्य होंगे। उन्होंने माना कि इकॉनमी में सुस्ती साफ तौर पर देखी जा सकती है, जो वित्त वर्ष 2019 में 6.8 फीसदी के जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों से भी मालूम पड़ता है। हालांकि, आर्थिक रफ्तार में ये सुस्ती अस्थाई है। बता दें कि मार्च की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.8 फीसदी रह गई है।
वहीं, आठ कोर इंडस्ट्रीज की ग्रोथ 50 महीने के न्यूनतम स्तर पर गिरकर जून में 0.2 फीसदी पर पहुंच गई, मई में ये आकंड़ा 4.3 फीसदी था। इसके पहले, एलएंडटी के चेयरमैन नाइक ने कहा था कि हमें खुद को खुशकिस्मत समझना चाहिए कि अगर जीडीपी का आंकड़ा 6.5 पर स्थिर रहता है। उन्होंने सुस्त इकॉनमी को पटरी पर लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्टर प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी देने तरीके को अपनाने का सुझाव दिया था जो नरेंद्र मोदी ने गुजरात में सीएम रहते हुए किया था।












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