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देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी BPCL में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार

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नई दिल्ली। भारत सरकार एक और बड़ा फैसला करने जा रही है। सरकार भारत पेट्रोलियम में हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। केंद्र सरकार BPCL में अपने सरकारी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही है। सरकार बीपीसीएल में अपनी कुल 40,000 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इस सौदे से मोदी सरकार को 1.05 लाख करोड़ रुपए के महत्त्वाकांक्षी विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

 Govt mulls selling stake in BPCL to overseas oil company: Report

अगर यह योजना सफल होती है तो इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम का विलय तीन साल में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का तीसरा सबसे बड़ा विलय होगा। हालांकि इसमें बैंकों का विलय शामिल नहीं है। आपको बता दें कि इससे पहले 2017-18 में ओएनजीसी-हिंदुस्तान पेट्रोलियम और 2018-19 में आरईसी और पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन का विलय किया गया था।

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गौरतलब है कि बीपीसीएल का बाजार पूंजीकरण 77,033 करोड़ रुपये थी, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 53.29 फीसदी की है। जिसका मूल्य करीब 41,040 करोड़ रुपए है। सरकार इस हिस्सेदारी को बेचने की तैयारी कर रही है। हालांकि इसके अलावा दो विकल्पों को विचार किया जा रहा है। बीपीसीएल को गैर-सार्वजनिक उपक्रम के हाथों बेचकर निजीकरण करने पर भी विचार किया जा रहा है।

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English summary
India is considering a plan to sell the nation's second-largest state refiner and fuel retailer to a global oil company as it explores options to give up its controlling stake in Bharat Petroleum Corp., people with knowledge of the matter said.
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