सिर्फ बैंक ही नहीं, अब घरों की भी बनेगी पासबुक, जानिए कैसे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की स्कीम पर नजर रखने के उद्देश्य से सरकार हर घर खरीददार की एक पासबुक बनाएगी। इस पासबुक में घर बनाने से लेकर सरकार की तरफ से मिल रही ग्रांट की भी पूरी जानकारी होगी। पासबुक बनाने के पीछे सरकार का मकसद यह है कि आवास योजनाओं के नाम पर हो रही धांधली पर अंकुश लगाया जा सके। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस स्कीम का फायदा सही व्यक्ति को ही मिल रहा है।

पासबुक में बेनेफिशियरी का पूरा नाम, आईडी, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर, फैमिली डिटेल, बैंक डिटेल आदि रिकॉर्ड की जाएगी। इसके अलावा इसमें उस जमीन के बारे में भी पूरी जानकारी होगी, जहां पर घर बनाया जाएगा। इस पासबुक को मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अरबन अफेयर्स द्वारा जारी किया गया है।
3 लाख से कम की सैलरी वाले लोगों को घर बनाने के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार से 1.5-1.5 लाख रुपए की ग्रांट दी जाएगी। हालांकि, बेनेफिशियरी के पास अपनी जमीन होना जरूरी है और पक्का घर नहीं होना चाहिए। मिलने वाली ग्रांट के तहत जो पैसे मिलेंगे वो सीधे खाते में जाएंगे और इसकी जानकारी भी पासबुक में दर्ज होगी। लोगों को इस योजना के तहत मिलने वाले ग्रांट का गलत इस्तेमाल ना हो, इसके लिए भी पासबुक शुरू की गई है।












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