सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ होने वाली वित्त मंत्री की बैठक टली, कई अहम मुद्दों पर होनी थी चर्चा
नई दिल्ली: पूरे देश में कोरोना के कहर को रोकने के लिए 17 मई तक लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस लॉकडाउन से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। आर्थिक मंदी से बैंकिंग सेक्टर भी अछूता नहीं है। इसको लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक करने वाली थीं, जिसे टाल दिया गया है। जल्द ही इस बैठक की नई तारीख का ऐलान किया जाएगा।

दरअसल कोरोना के हालात और लॉकडाउन पर आज पीएम मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहीं। जिस वजह से बैंक प्रमुखों के साथ उनकी बैठक को टाल दिया गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक जल्द ही बैठक की नई तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा। इस बैठक में कोरोना संकट से बैंकों को उबारने और लोगों को सस्ते लोन देने संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी। बैठक में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिये लक्षित दीर्घकालिक रेपो परिचालन (टीएलटीआरओ) की प्रगति और कोविड-19 आपातकालीन लोन सुविधा के तहत कर्ज के आवंटनों की भी समीक्षा की जाएगी।
राहत पैकेज का इंतजार
लॉकडाउन से परेशान जनता को सरकार के दूसरे राहत पैकेज का इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री अगले राहत पैकेज में देश के गरीब तबके के साथ-साथ ऐसे लोगों को राहत भी सकती हैं, जिनकी नौकरी चली गई है। वहीं बैंकिंग सेक्टर को भी सरकार की ओर से मदद मिलने की उम्मीद है। इससे पहले सरकार ने मार्च के अंत में गरीब महिलाओं और बुजुर्गों के लिये 1.7 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी।












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