कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को झटका, बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

Written By: Mohit
Subscribe to Oneindia Hindi
Petrol prices may rise, as global crude oil rates highest in past 2 years | वनइंडिया हिंदी

नई दिल्लीः साल 2015 के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमतें 60 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर गई हैं। पिछले एक हफ्ते में कच्चे तेल की कीमतों में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम आदमी की जेब पर भी असर पड़ेगा। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से देश में महंगाई बढ़ेगी तो वहीं रिजर्व बैंक को अपनी पॉलिसी बदलने पर मजबूर होना पडे़गा।

अर्थव्यवस्था पर पड़ता है असर

अर्थव्यवस्था पर पड़ता है असर

आंकड़ों पर नजर डालें तो अगर कच्चे तेल की कीमतों में एक डॉलर की बढ़ोत्तरी होती है तो भारत को 1.33 बिलियन डॉलर ज्यादा चुकाने पड़ते हैं, किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए ये काफी बड़ी रकम होती है। कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

डॉलर के मुकालबे रुपया कमजोर होता है।

डॉलर के मुकालबे रुपया कमजोर होता है।

कच्चे तेल की कीमतों की बढ़ोत्तरी से डॉलर के मुकालबे रुपया कमजोर होता है। रुपये का कमजोरी से फिस्कल डेफिसिट बढ़ेगा, जो किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं माना जाता है।

जीएसटी में लाने से होगा फायदा

जीएसटी में लाने से होगा फायदा

हाल ही में भारत सरकार ने पेट्रोल को सस्ता बनाने के लिए सेंटरनल ड्यूटी को हटा ली थी, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने फिर से सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। कई अर्थशास्त्रियों ने सरकार को सुझाव दिया है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने से इनकी कीमतें आधी हो जाएंगी, इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे बदलाव का ज्यादा असर आम आदमी की जेब पर नहीं पड़ेगा।

यह भी पढ़ें-दिल्ली में स्मॉग: सीएम केजरीवाल ने दिए संकेत, बंद हो सकते हैं कुछ दिन के लिए स्कूल

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Crude oil price goes high it can hurt rupee and india economy
Please Wait while comments are loading...