एक्सपोर्ट प्रमोशन के तहत भारत सरकार का बड़ा फैसला, अब रुपये में भी होगा लेन-देन

डॉलर की मजबूती के बीच बुधवार को केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया। जिसमें विदेश व्यापार नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सेटलमेंट को रुपये में करने की अनुमति दे दी गई। इसके लिए विदेश व्यापार नीति और प्रक्रियाओं में जरूरी संशोधन भी हो गया है, ताकि लेन-देन सुविधाजनक और आसान बन सके। साथ ही नियमों का उल्लंघन भी ना हो।

Rupees

मामले में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि भारतीय रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण में रुचि बढ़ रही है, ऐसे में सरकार ने विदेशों से होने वाले व्यापार का भुगतान रुपये में करने का फैसला लिया है। इसके अलावा नए बदलावों को निर्यात के लिए आयात, स्टेटस होल्डर्स के रूप में मान्यता के लिए इसे अधिसूचित किया गया है।

वहीं इससे पहले आरबीआई ने 11 जुलाई 2022 को रुपये के वैश्विक लेन-देन के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया था। इसी के आधार पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने अपना नियम बदला है। आसान भाषा में कहें तो अब तक अगर भारत अपना सामान किसी दूसरे देश में भेजता था, तो उसका भुगतान डॉलर में होता था, लेकिन नए नियम के हिसाब से रुपये में भुगतान किया जा सकता है। वहीं इस प्रकार के कारोबारी लेन-देन के लिए भारतीय बैंकों को जहां व्यापार करना है, वहां स्पेशल वोस्ट्रो अकाउंट खोलना होगा। आरबीआई के मुताबिक यूको और येस बैंक ने इसके लिए रूस के बैंकों से समझौता किया है।

क्या है रुपये का हाल?
वहीं इस घोषणा के बीच रुपये में बुधवार को तेजी देखने को मिली, जो 45 पैसे की तेजी के साथ 81.47 पर बंद हुआ। कारोबार शुरू होने पर रुपया 81.23 था, इसके बाद वो 81.62 पर पहुंचा। वहीं इससे पहले सोमवार को भारतीय रुपया 81.92 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

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