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Budget 2025 Income Tax: भारत में 1947 से 2025 तक आयकर का सफर, 1500 रुपये टैक्स फ्री से 7 लाख तक

Budget 2025 Income Tax: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2025 को संसद में केंद्रीय बजट 2025 पेश किया जाएगा। यह बजट मोदी सरकार 3.0 का दूसरा पूर्णकालिक बजट होगा। संसद के दोनों सदनों में वित्त मंत्री आमतौर पर सुबह 11:00 बजे बजट भाषण शुरू करती हैं। यह भाषण करीब 1.5-2 घंटे तक चलता है।

भारत में आयकर का इतिहास सरकार और जनता के बीच वित्तीय रिश्तों की गहरी झलक देता है। 1947 में आजादी के बाद से अब तक आयकर व्यवस्था में कई बदलाव हुए हैं। इनमें न केवल दरों का बदलाव शामिल है, बल्कि आयकर छूट के अनोखे प्रावधान भी शामिल रहे हैं। आइए जानें 1947 से 2025 तक आयकर की दिलचस्प यात्रा।

1947: पहला बजट और 1500 रुपये टैक्स फ्री

भारत का पहला बजट 16 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया। उस समय 1500 रुपये तक की आय टैक्स फ्री थी। बजट मुख्यतः आर्थिक स्थिति की समीक्षा और देश की जरूरतों का खाका था।

1955-58: शादीशुदा और बच्चों पर आधारित टैक्स छूट

1955 में पहली बार शादीशुदा और अविवाहित व्यक्तियों के लिए अलग-अलग आयकर प्रावधान किए गए। शादीशुदा लोगों को 2000 रुपये और कुंवारों को 1000 रुपये तक की आय टैक्स फ्री थी।

1958 में, भारत दुनिया का पहला देश बना जिसने बच्चों की संख्या के आधार पर आयकर छूट दी। दो बच्चों वाले परिवार के लिए 3600 रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं था।

1973-74: आयकर की सबसे ऊंची दर

इस समय भारत में आयकर दरें ऐतिहासिक ऊंचाई पर थीं। अधिकतम आयकर दर 85% थी, और सरचार्ज मिलाकर यह 97.75% तक पहुंच गई। यानी 100 रुपये कमाने पर केवल 2.25 रुपये व्यक्ति के पास रहते थे, जबकि 97.75 रुपये सरकार ले लेती थी।

2020: नई टैक्स व्यवस्था का आगाज

मोदी सरकार ने 2020 में नई टैक्स रिजीम लागू की। इसमें टैक्स स्लैब को सरल बनाया गया लेकिन अधिकांश छूट और कटौतियां समाप्त कर दी गईं।

2023: 7 लाख रुपये तक आयकर छूट

2023-24 के बजट में नई टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट घोषित किया गया। नई व्यवस्था के तहत 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ने के बाद यह सीमा नौकरीपेशा के लिए 7.75 लाख रुपये हो जाती है।

2025 की उम्मीदें: 10 लाख तक टैक्स फ्री?

आगामी बजट 2025 में 10 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने की मांग जोर पकड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कदम मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

आयकर: एक नजर में प्रमुख बदलाव

  • 1947: 1500 रुपये तक टैक्स फ्री।
  • 1955: शादीशुदा और कुंवारों के लिए अलग टैक्स।
  • 1958: बच्चों की संख्या पर आधारित टैक्स छूट।
  • 1973-74: 97.75% टैक्स की ऊंची दर।
  • 2023: नई टैक्स रिजीम, 7 लाख तक टैक्स फ्री।

भारत में आयकर व्यवस्था समय के साथ बदलती रही है। अब नजरें एक फरवरी को पेश होने वाले बजट 2025 पर हैं, जहां मध्यम वर्ग और करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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