Bitcoin समेत प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट, जानिए कैसे टूटा क्रिप्टो बाजार
नई दिल्ली, 8 सितम्बर। बुधवार को क्रिप्टोकरेंसी बाजार की प्रमुख करेंसी बिटकॉइन. एथेरियम और डोजकॉइन ने नीचे की तरफ लंबा गोता लगाया है। बिटकॉइन की कीमत 24 घंटे में 17 प्रतिशत लुढ़क गई और यह 43000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। यहां ये जानना जरूरी है कि बिटकॉइन ने एक दिन पहले ही 52,000 डॉलर के आंकड़े को पार किया था जो कि मई के बाद उसका सर्वोच्च स्तर था।

बिटकॉइन की प्रतिद्वंद्वी और क्रिप्टो बाजार की दूसरी सबसे बड़ी करेंसी ईथर की कीमतें भी 11.99 प्रतिशत गिर गई जबकि मीम से शुरू हुई क्रिप्टोकरेंसी डोजकॉइन में भी 16 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई है।
7000 डॉलर की गिरावट
क्रिप्टोकरेंसी में तेज गिरावट तब देखी गई है जब एक दिन पहले ही बिटकॉइन ने मई के बाद से अपना सर्वोच्च स्तर 52,000 डॉलर के पार छलांग लगाई थी जबकि बिटकॉइन एथेरियम ब्लॉकचेन की करेंसी ईथर ने 4000 डॉलर के करीब कारोबार किया था।
बिटकॉइन में यह तेजी उसके पहले देखी गई जब 7 सितम्बर को मध्य अमेरिकी देश एल सल्वाडोर बिटकॉइन को कानूनी निविदा के रूप में मान्यता देने वाला पहला देश बना। सोमवार को एल सल्वाडोर की क्रिप्टो खरीद ने बिटकइन की कीमतों को बढ़ाकर 52,680 डॉलर पर कर दिया था जो कि मई में गिरावट शुरू होने के बाद से सर्वोच्च स्तर है। हालांकि अप्रैल के अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर 64,895 डॉलर से यह अभी भी काफी पीछे है लेकिन इसके वहां पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी। इस बीच एक बार फिर से बिटकॉइन ने नीचे की तरफ गोता लगाया है और यह 7000 डॉलर तक नीचे फिसल गई है जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी हुई है।
बिटकॉइन को लेकर संशय बरकरार
हालांकि पोल में ये सामने आया है कि सल्वाडोर के लोग बिटकॉइन के उपयोग के बारे में संशय में हैं और क्रिप्टोकरेंसी की अस्थिरता को लेकर सतर्क हैं। आलोचकों का वित्तीय संस्थानों के निवेशक वर्चुअल करेंसी के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। वहीं कुछ विश्लेषकों को डर है कि अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ बिटकॉइन को कानूनी निविदा बनाने के कदम से एल सल्वाडोर की अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ 1 अरब डॉलर से अधिक के वित्तपोषण समझौते की राह में बाधा आ सकती है।
राष्ट्रपति नायब बुकेले के बिटकॉइन को कानूनी मंजूरी देने के बाद रेटिंग एजेंसी मूडीज ने एल सल्वाडोर की क्रेडिट को कम कर दिया जिसके बाद देश के डॉलर मूल्यवर्ग वाले बांड भी दबाव में आ गए। इसके साथ ही एल सल्वारोड की बिटकॉइन लॉन्चिंग में भी रुकावट आई जिसके चलते ब्लॉकचेन से संबंधित फर्मों के शेयर भी गिर गए।












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