30 नवंबर तक जमा करें अपना कालाधन, बैंक नहीं करेगी कोई पूछताछ
बैकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अघोषित आय पर टैक्स और जुर्माना भरने वालों से कोई पूछताछ नहीं की जाएगी।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद कालाधन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कई स्कीम निकाली। ब्लैकमनी को सरकार के सामने घोषित करने के लिए लोगों को वक्त दिया गया। टैक्स के साथ लोगों को अपनी अघोषित आय आयकर विभाग के सामने लाने को कहा गया, लेकिन जिन्होंने अभी भी सरकार ऐसा नहीं किया उनके लिए आखिरी मौका है। आयकर विभाग ने ऐसे लोगों को आखिरी मौका देते हुए कहा है कि वो इनकम डिस्क्लोजर स्कीम 2016 के तहत घोषित कालाधन को 30 नवंबर तक टैक्स की प्रथम किश्त के साथ जमा करा दें। नोटबंदी के बीच LIC ने दी बड़ी राहत, जरूर पढ़िए खबर

वहीं विभाग ने ये भी साफ कर दिया है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो देय कालेधन पर की गई घोषणा अवैध हो जाएगी। आयकर विभाग ने इस संबंध में चेतावनी जारी कर दी है। वहीं इस बारे अखबारों और टीवी चैनलों में विज्ञापन जारी कर लोगों तक संदेश भी पहुंचा दिया गया है।
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आपको बता दें कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने आय घोषणा योजना के तहत पैसे जमा कराने वाले लोगों ने धन के सोर्स के बारे में नहीं पूछने के लिए कहा है। ऐसा इसलिए ताकि लोग बिना किसी बाधा के अपना कर भुगतान कर कालेधन को सरकार के सामने ला सके। इसके साथ ही लोगों द्वारा जमा किए गए टैक्स राशी से सरकार को जुर्माने और टैक्स के तौर पर 45 फीसदी राशि भी मिलेगी।
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गौरतलब है कि आरबीआई को शिकायतें मिली थी कि बैंक द्वारा ऐसे लोगों को टैक्स और जुर्माने की राशी स्वीकार नहीं जा रही है। जिसके बाद आईबीए ने बैंकों को निर्देश जारी तक लोगों को सहयोग करने की अपील की। आपको बता दें कि आघोषित आय योजना के तहत 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। इस राशी की पहली किश्त में 25 प्रतिशत टैक्स 30 नवंबर तक जमा किया जाना है। जबकि टैक्स और जुर्माने की दूसरी किश्त में 25 प्रतिशत टैक्स 31 मार्च 2017 तक देना है।
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शेष 50 प्रतिशत टैक्स चुकाने की डेडलाइन 30 सितंबर 2017 रखी गई है। इस तरह से सरकार को 30 नवंबर 2016 तक टैक्स की पहली किश्त के रूप में 7340 करोड़ रुपये मिलने हैं। नहीं तो रद्द हो जाएगी कालेधन की घोषणा लेकिन अगर कोई कालाधन घोषित करने वाला इस अवधि में अपने टैक्स की पहली किश्त नहीं देता है तो उसकी कालेधन की घोषणा और उससे जुड़ी माफी की शर्त रद्द मानी जाएगी।












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