7th Pay Commission: इन केंद्रीय कर्मचारियों को लगा जोर का झटका, सरकार ने बदला फैसला, कटेगी सैलरी
7th Pay Commission: इन केंद्रीय कर्मचारियों को लगा जोर का झटका,कटेगी सैलरी
नई दिल्ली। सातवें वेतन आयोग(7th Pay Commission) के तहत सैलरी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक न तो केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर कोई घोषणा की गई है और न ही केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बढोतरी को लेकर कोई फैसला किया गया है। जहां एक और केंद्रीय कर्मचारी सैलरी में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं सरकार के इस फैसले से उन्हें जोरदार झटका लगा है। सरकार ने सातवें वेतन आयोग के फैसले को बदलते हुए रेलवे में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को जोरदार झटका दिया है।

कटेगी इन कर्मचारियों की सैलरी
भारतीय रेलवे के कर्मचारियों को झटका लगा है। रेलवे ने बड़े नियम में बदलाव किया है। भारतीय रेलवे ने कर्मचारियों की छुट्टियों को आधा करने का फैसला कर दिया है। रेलवे ने सातवें वेतन आयोग के फैसले को बदलने का फैसला किया है। 7th Pay Commission के तगत केंद्रीय कर्मचारियों को 730 दिन की छुट्टी का प्रावधान दिया गया है। कर्मचारी ये छुट्टियां बच्चों की पढ़ाई, उनकी देखभाल के लिए ले सकते है। रेलवे ने इस छुट्टी को आधा कर दिया है।

CCL लीव हुई आधी
रेलवे ने महिला कर्मचारियों के लिए बच्चों की पढ़ाई और देखभाल के लिए मिलने वाली छुट्टी को घटाकर 365 दिन कर दिया है। रेलवे ने नियम में बदलाव करते हुए महिला कर्मचारियों के सीसीएल लीव को घटाकर आधा कर दिया है। रेलवे के नए निर्देश के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी सीसीएल के तहत 365 दिन से ज्यादा की छुट्टी देता है तो उसकी सैलरी काटी जाएगी। आपको बता दें कि केंद्र सरकार के तहत आने वाले विभागों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव मिलती है। ये लीव 730 दिन की होती है, जिसे महिला कर्मचारी बच्चे के 18 साल होने से पहले तक कभी भी ले सकती हैं।

पुरूष कर्मचारियों के लिए भी सुविधा
महिला कर्मचारियों के अलावा ये सुविधा उन कर्मचारियों को भी मिलती है जो सिंगर पेरेंट्स हैं। सिंगर पुरूष कर्मचारियों को भी 6 बार में सीसीएल लेने की अनुमति है। वहीं महिला कर्मचारी इसे 3 बार में ले सकती हैं। रेलवे ने अब सीसीएल लीव को आधा कर दिया है, जिसे लेकर रेलवे कर्मचारी यूनियंस ने नाराजगी जताई है। रेलवे के कर्मचारी यूनियन का कहना है कि ये फैसला बिना उनसे बातचीत के लिए गया है। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।

केंद्रीय कर्मचारियों को इंतजार
आपको बता दें कि लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग उतने ही पेंशनभोगियों को वेतन बढ़ोतरी का इंतजार है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार होली से पहले उनके महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा करेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस बार 4 फीसदी के करीब DA में बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं केंद्रीय कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से अधिक न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि बेसिक सैलरी को 18000 रुपए से बढ़ाकर 26000 रुपए प्रति माह किया जाए। वहीं फिटमेंट फैक्टर को भी रिवाइज किया जाए।












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