7th Pay Commission: सरकार ने शिक्षकों को दिया बड़ा तोहफा

नई दिल्ली। जल्द ही कॉलेज अध्यापकों के लिए अंडर ग्रेजुएट लेवल पर प्रमोशन के लिए रिसर्च करना अनिवार्य नहीं रहेगा। हाल ही में सरकार ने सातवें वेतन आयोग के तहत अध्यापकों को सैलरी हाइक का तोहफा दिया है। अब सरकार ने फैसला लिया है कि प्रमोशन के लिए रिसर्च की जगह पर अध्यापकों को कम्युनिटी गतिविधियों में स्टूडेंट्स के साथ मिलकर काम करना होगा।

सरकार कर रही तैयारी

सरकार कर रही तैयारी

मानव संसाधन मंत्रालय एक ऐसे प्लान पर काम कर रहा है, जिसके तहत रिसर्च की अनिवार्यता को खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार एकेडमिक परफॉर्मेंस इंडेक्स में बदलाव करेगी और साथ ही इसे वैकल्पिक बनाएगी। प्रकाश जावडेकर ने नेशनल कंवेंशन ऑन हायर एजुकेशन पर्सेप्टिव इन इंडिया में कहा कि शिक्षकों को जल्द ही सातवें वेतन आयोग के फायदे मिलने लग जाएंगे।

प्रमोशन के लिए रिसर्च जरूरी नहीं

प्रमोशन के लिए रिसर्च जरूरी नहीं

मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा- मौजूदा समय में, कॉलेज शिक्षकों को प्रमोशन के लिए रिसर्च करनी होती थी, जैसा कि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर करते हैं। लेकिन हमें यह समझना होगा कि यह दोनों ही पूरी तरह से अगल कैटेगरी के शिक्षक हैं। एक कॉलेज शिक्षक को मुख्य रूप से शिक्षण में लगे रहना चाहिए। जब हमने रिसर्च को अनिवार्य बनाया, तो रिसर्च पूरी तरह से रुक गई। सिर्फ प्रमोशन के लिए रिसर्च करने से रिसर्च की क्वालिटी काफी खराब हुई है।

जल्द होगी घोषणा

जल्द होगी घोषणा

प्रकाश जावडेकर ने कहा कि रिसर्च के बारे में लिए गए इस फैसले की आधिकारिक घोषणा भी जल्द ही कर दी जाएगी। मंत्रालय चाहता है कि शिक्षक अधिक से अधिक स्टूडेंट की गतिविधियों में लगे रहें। एक कम्युनिटी एक्टिविटि बनाई जाएगी, जिसके लिए काम करने के हिसाब से शिक्षकों को स्कोर दिया जाएगा। कॉलेज शिक्षक पढ़ाने में काफी अधिक व्यस्त रहते हैं, जिसकी वजह से वह रिसर्च का काम नहीं कर पाते हैं।

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