बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश ने FIR में लिखाई झूठी कहानी!
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर हिंसा में मुख्य आरोपी योगेश राज की एफआईआर में दर्ज कहानी पर यूपी के आईजी क्राइम ने सवाल खड़े कर दिए है। बुधवार को आईजी क्राइम एसके भगत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि घटनास्थल से जो मांस और हड्डियों के टुकड़े बरामद किए गए हैं वो शुरूआती जांच में 48 घंटे पुराने हैं।

क्या हुआ था 3 दिसंबर को
बुलंदशहर जिले के स्याना थाना क्षेत्र के चिंगरावठी गांव में 3 दिसंबर को गोकशी की सूचना पर जमकर बवाल हुआ था। इस दौरान चिंगरावटी गांव में काफी संख्या में हिंदूवादी संगठन और ग्रामीण एकत्र हो गए। गुस्साए लोगों ने चिंगरावटी चौराहे को जाम कर दिया और पुलिस चौकी में खड़े वाहनों में आग लगा दी थी। इस घटना में स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और भाजपा कार्यकर्ता सुमित कुमार की मौत हो गई थी। बता दें कि इस हिंसा में मारे गए यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी योगेश राज ने भी एक एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें 3 दिसंबर की सुबह गोकशी होते देखे जाने का दावा किया है। हालांकि यूपी पुलिस के आईजी क्राइम एसके भगत ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

योगेश ने पुलिस 7 गोकशों के खिलाफ दी थी FIR
मीडिया खबरों के मुताबिक, पुलिस ने योगेश राज की शिकायत पर सोमवार को 7 गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। योगेश राज ने सोमवार को स्याना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ सोमवार सुबह करीब नौ बजे गांव महाब के जंगलों में घूम रहा था। इसी दौरान उसने नयाबांस के आरोपी सुदैफ चौधरी, इलियास, शराफत, परवेज, (दो नाबालिग) और सरफुद्दीन को गोवंशों को कत्ल करते हुए देखा, इसके बाद उन्होंने शोर मचा दिया और आरोपी भाग निकले।

FIR पर आईजी ने उठाए सवाल?
आईजी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि घटनास्थल से जो मांस और हड्डियों के टुकड़े बरामद किए गए हैं वो शुरूआती जांच में 48 घंटे पुराने मालूम होते हैं। उन्होंने बताया कि घटना स्थल से जो हड्डिया मिली है उनसे गोमांस होने की भी पुष्टि नहीं हुई है। अगर कोई जानवर काटा भी गया है तो वो 1 दिसंबर की शाम की घटना है। जबकि योगेश का दावा है कि उसने 3 दिसंबर की सुबह 9 बजे गोकशी होते देखी थी।












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