नन्हें बाघ पर टूट पड़े तीन टाइगर, नोंच-नोंच कर डाला बुरा हाल
बंगलुरू। कर्नाटक के बैनरघाटा जैव पार्क में एक अजीब वाक्या देखने को मिला। यहां तीन रॉयल बंगाल टाइगर और दो सफेद बाघों के बीच झड़प हो गई। ये लड़ाई इतनी बढ़ गई कि नौ साल के बाघ को अपनी जान गंवानी पड़ी।

ये घटना 17 सितंबर को हुई जब तीन रॉयल बंगाल टाइगर ने एक सफेद बाघ को अपना निशाना बनाया। इस बाघ ने किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर अपनी जान बचाई लेकिन उसके आधे घंटे बाद ही इन बाघों ने एक और सफेद बाघ पर हमला किया। वहां मौजूद पर्यटकों ने बाघों को रोकने की भी कोशिश की लेकिन कोई भी इनके जदीक जाने से कतरा रहा था। आधे घंटे बाद जब वन-विभाग को इसकी सूचना मिली तो वो फौरन सफेद बाघ को लेकर अस्पताल गए। नौ साल के बाघ को हमले में काफी चोटें आई थीं और रात तकरीबन 8 बजे उसने दम तोड़ दिया। पार्क के अधिकारियों ने इस हमले को लेकर जांच बिठाई है। पार्क के नियमों के मुताबिक सफेद बाघों को बाकी बाघों से अलग रखा जाता है।
Bengaluru: Nine-year-old White Tiger strays into the enclosure of Bengal tigers, dies after being attacked by them at Bannerghatta Bio Park pic.twitter.com/7fkLpPB7Nc
— ANI (@ANI) September 21, 2017
सफेद बाघ हमेशा से भारत की शान रहे हैं। पहली बार सफेद बाघ रीवा के राजा मार्तण्ड सिंह को मिला था जो अपने शिकार पर निकले थे। जब उनके सामने 8 महीने का एक सफेद बाघ आया तो उसके शिकार के लिए उन्होंने तुरंत बंदूक तान दी लेकिन उस नन्हें बाघ की आंखों में आंसू देखकर उनका दिल पसीज गया। मार्तण्ड सिंह तब इस बाघ को पकड़कर महल ले आए और उसका नाम मोहन रखा। मोहन के साथ बाड़े में एक बाघिन भी रखी गई थी। मोहन ने अलग-अलग बाघिन से प्रजनन में 34 संतानों को जन्म दिया जो आद दुनिया के अलग-अलग कोनों में मौजूद हैं। 18 दिसंबर 1969 को 19 साल की उम्र में मोहन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।












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