अपने ही बच्चों को पिंजरे में कैद कर रखती थी महिला, सांप की तरह आवाज निकाल रहे थे बच्चे
38 साल की मलिस्टा नेस हॉपकिंस नाम की महिला ने अपने दो बच्चों को पिंजरे में कैद कर रखा था।
नई दिल्ली। मां बच्चों को जन्म देती है। उनका पालन-पोषण करती है, उन्हें काबिल बनाती है। मां की कोशिश यहीं होती है कि वो अपने बच्चों को हर खुशी दे, लेकिन वर्जीनिया की एक मां की ऐसी करतूत सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। 38 साल की मलिस्टा नेस हॉपकिंस नाम की महिला ने अपने दो बच्चों को पिंजरे में कैद कर रखा था। महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बाद में उसे बेल मिल गई।

पिंजरे में कैद थे बच्चे
मलिस्टा पर बच्चों के साथ लापरवाही, उनके साथ उत्पीड़न का आरोप लगा है। महिला ने अपने घर के भीतर ही अपने 2 और 3 साल के बच्चे को कैद कर रखा था। पिंजरे में कैद बच्चों के शरीर पर घाव, कीड़ों के काटने के निशान थे। बच्चे सामान्य बच्चों कती तरह तो चल पा रहे थे और न ही बोल पा रहे थे। वो जानवरों की आवाजें निकाल रहे थे।

सांप की तरह आवाज निकाल रहे थे बच्चे
उन्हें बचाने के लिए जब सामाजिक संस्था के लोग पहुंचे तो बच्चे पिंजरे से बाहर निकलने के लिए भी तैयार नहीं थे। वो सांप की आवाज निकाल रहे थे। सामाजिक संस्था की एक कर्मचारी केट बोनीवेल ने महिला के घर के बारे में बताया कि जब वे हॉपकिंस के घर पहुंची तो उनके घर का दृश्य चौंकाने वाला था।

गंदगी से भरा था घर
महिलरा का घर गंदगी से भरा हुआ था। घर में कूड़ा इधर-उधर फेंका हुआ था। एक और बच्चा भी घर में मौजूद था जो एक गंदे बिस्तर पर सो रहा था। कमरे से पेशाब की बदबू आ रही थी। उन्होंने बताया कि बच्चों को पिंजरे से निकालने में 20 मिनट से अधिक समय लगा था। इस दौरान स्क्रू ड्राइवर का उपयोग करना पड़ा। बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मामला कोर्ट में है। हालांकि महिला को जमानत मिल गई है।












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