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धरती से दूर जा रहा है चांद, जानिए क्यों इस खबर से मची खलबली

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नई दिल्ली। चंदा मामा दूर के...। अब तक ये लाइने आपने लोरी में, कविताओं में सुनी है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये बात बिल्कुल सच है। चंद्रमा धीरे-धीरे हमसे दूर जा रहा है। हमारा चांद धीरे-धीरे हमसे दूर जा रहा है और एक दिन हमसे बहुत दूर हो जाएगा। नासा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक चंद्रमा हर साल 1.5 इंच दूर जा रहा है। एक दिन ये चांद बहुत दूर चला जाएगा। सोचिए चांद के दूर जाने के बाद धरती पर क्या असर होगा।

 क्या कहते हैं वैज्ञानिक

क्या कहते हैं वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों का कहना है कि एक दिन धरती का प्रकृतिक उपग्रह धरती से बहुत दूर चला जाएगा और ऐसा होने के धरती पर बहुत कुछ बदल जाएगा। हालांकि चांद को हमसे दूर जाने में 60 करोड़ साल लगेंगे, लेकिन ऐसा होने पर धरती पर सब बदल जाएगा। प्रकृतिक आपदा की संभावना बढ़ जाएगी। न तो हमारी धरती वैसी रह जाएगी, जैसी आज है और न ही सूरत वैसा रह पाएगा।

 चांद का खास महत्व

चांद का खास महत्व

चांद धरती का प्रकृतिक उपग्रह है। चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी पर खासा असर डालती है। चांद के इस ग्रैवटी का असर समंदर की लहरों, ज्वार भाटा जैसी गतिविधियों पर पड़ती है। इतना ही दिन-रात की स्थिति पर भी चांद का असर पड़ता है। धरती के झुकाव पर भी चांद असर डालता है। ऐसे में चांद के दूर जाने के कारण धीरे-धीरे इन स्थितियों पर असर पड़ेगा।

 चांद के दूर जाने पर क्या होगा असर

चांद के दूर जाने पर क्या होगा असर

धरती से चांद की दूरी बढ़ने के कारण रातें ज्यादा अंधेरी होने लगेगी। धरती से दूर होता चांद धीरे-धीरे छोटा दिखने लगेगा। इसके कारण धरती की ग्रैवटी पर असर पड़ेगा और धरती का अक्ष पर झुकाव भी प्रभावित होगा। इतना ही नहीं, जिन समंदर की खूबसूरती उनकी लहरें होती है, चांद के दूर जाने के बाद वो लहरें बनना बंद हो जाएगा या लहरें छोटी हो जाएगी। धरती पर रात और दिन के समय में अंतर आ जाएगा। उन जीवों पर असर पड़ेगा जो रात को जागते हैं। इतना ही नहींम मौसम बदल जाएगा, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा कब कौन सा मौसम बदलेगा।

 क्या कहता है दोनों का इतिहास

क्या कहता है दोनों का इतिहास

खगोलविदों की माने तो जब चंद्रमा बना तो उस वक्त धरती पर एक दिन केवल पांच घटे का होता था। चंद्रमा के आने के बाद ये 24 घंटे का होने लगा। वैज्ञानिकों की माने तो 4.5 अरब साल पहले धरती से एक ग्रह के टकराने के कारण चंद्रमा की उत्पत्ति हुई। चांद के गुरुत्वाकर्षण के कारण टाइडल फ्रिक्शन के कारण ही पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से चांद को हलका बल लगता है। इसी बल के कारण चंद्रमा के कक्षा की गति बढ़ जाती है और अगर वैज्ञानिकों की माने तो इसी गति के कारण चंद्रमा हमसे धीरे-धीरे दूर हो रहा है।

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English summary
The moon is moving away from Earth at a rate of 1.5 inches per year, Know How its effect Human Life
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