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हिंद महासागर में वैज्ञानिकों की मिली रहस्यमयी मछली, मादा पैदा होती है Rainbow fish और बन जाती है नर

Rainbow fish: समंदर जितना गहरा होता है, उसमें उतने राज छिपे होते हैं। आपने गोल्डन फिश, ड्रैगन फिश के अलावा कई तरह की मछली देखी होंगी, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने गहराई में जाकर Rainbow Fish खोजकर निकाली है, जो एक साथ कई रंगों को अपने अंदर समेट हुए है और काफी सुंदर दिखाई पड़ती है, हालांकि इस मछली में इंद्रधनुष के रंग ही नहीं बल्कि कुछ और भी खास है, जो इसे दूसरी मछलियों से काफी अलग बनाता है।

मालदीव के गहरे समुद्र में मिली रहस्यमयी मछली

मालदीव के गहरे समुद्र में मिली रहस्यमयी मछली

दरअसल, हाल ही में मालदीव के गहरे समुद्र के पानी के अंदर खोजकर्ताओं ने ऐसी मछली ढूंढी हैं, जो दुनिया की सबसे रंगीन मछली है। यह मछली अपनी शरीर पर इंद्रधनुष के सभी रंग ओढे हुए हैं। जिसके चलते पूरे विश्व में रेनबो फिश (Rainbow Fish ) के नाम से ख्याती पा रही है, लेकिन इस मछली की सबसे खास बात यह है कि यह मादा पैदा होती है और नर बन जाती है।

150 मीटर नीचे तक फैला मछलियों का संसार

150 मीटर नीचे तक फैला मछलियों का संसार

आम बोलचाल में चाहे इसे रेनबो फिश कहा जाता है, लेकिन इसका वैज्ञानिकों ने रोज वील्ड फेयरी रास (rose veiled fairy wrasse) ऑफिशियल नाम रखा है। हालांकि इसका साइंटिफिक नाम सिरहीलेब्रस फिनिफेन्मा (Cirrhilabrus finifenmaa) है। यह मछली कई प्रजातियों में से एक है, जिसे गहरे गोताखोर वैज्ञानिकों ( deep-diving scientists) ने ट्वाइलाइट जोन (Twilight Zone) यानी मेसोफोटिक ( गोधूलि) क्षेत्र में पाया है, जो सूर्य के उथले-उथले और अंधेरे, गहरे समुद्र के बीच स्थित है। यह लगभग 150 मीटर नीचे तक फैला हुआ है। और इसमें प्रजातियों का अपना अद्भुत मेलजोल है।

कोरल रीफ के बीच मछलियों का बसेरा

कोरल रीफ के बीच मछलियों का बसेरा

मालदीव के आसपास हिंद महासागर के नीचे 40 और 70 मीटर यानी 130 से 230 फीट के बीच चमकीले रंग की, उंगली की लंबाई वाली मछलियों का अंबार है, जो समुद्र की गहराई में मिलने वाले कोरल रीफ (coral reefs) यानी मूंगा पत्थरों के बीच रहती है। रेनबो फिश को लेकर सिडनी में ऑस्ट्रेलियन म्यूजियम रिसर्च इंस्टीट्यूट में पोस्टडॉक्टरल फेलो यी-काई टी कहते हैं, "मेसोफोटिक जोन कोरल रीफ्स में सबसे कम खोजे गए क्षेत्रों में से एक है। "हिंद महासागर में एक रिसर्च शिप के मेल के मुताबिक यह क्षेत्र ( मेसोफोटिक) आम तौर पर एक अजीब गहराई पर स्थित है।पनडुब्बियों के साथ सर्वे करने के लिए पर्याप्त गहरा नहीं है, ट्रॉल और ड्रेज के लिए बहुत जटिल है, और पारंपरिक स्कूबा तकनीकों के साथ गोता लगाने के लिए बहुत गहरा है।"

 मादा पैदा होकर बन जाती है नर

मादा पैदा होकर बन जाती है नर

इसके अलावा यह मछली उम्र के साथ अपना रूप और लिंग बदलती है। वे मादा के रूप में जीवन शुरू करती हैं और नर में परिपक्व होती हैं, इस दौर में मछलियां काफी ज्यादा रंगीन हो जाती हैं। मादाओं को प्रभावित करने के लिए नर संभोग के मौसम के दौरान आश्चर्यजनक रूप से आकर्षक रंगों में खुद को सजा लेते हैं। 2019 में तंजानिया के जांजीबार के तट पर मेसोफोटिक एरिया में खोजी गई एक और फेयरी रास का नाम Tea है। वाइब्रानियम फेयरी रैसे (सिरिहिलब्रस वकांडा) में चमकीले बैंगनी रंग के स्केल्स होते हैं और जैसे ही मादाएं नर में परिवर्तन करती हैं, उनके सिर सनसाइन यैलो हो जाते हैं।

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