आखिर ऐसा भी क्या हुआ कि ऐशो आराम छोड़कर गुफा में रहने लगा ये शख्स, बताई अपनी आपबीती
आधुनिक जिंदगी और खर्चे से तंग आकर एक शख्स ने गुफा में रहने का फैसला लिया। पिछले 16 सालों से शख्स गुफा में ही रह रहा है। डेनियल नाम के शख्स ने अपनी सारी संपत्ति भी त्याग दी।

घर के महीने का किराया एक ऐसा खर्च है, जिसे चाह कर भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बात चाहे किसी विद्यार्थी की हो, नौकरीपेशा की हो या फिर कोई अन्य काम करने वाले शख्स की, लेकिन अगर आप घर से दूर रह रहे हैं तो महीने की शुरुआत में घर का किराया तो देना ही पड़ता है। कई लोग रेंट आसानी से भर लेते हैं तो कईयों को काफी दिक्कतें आती हैं। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि काश किराया भी ना देना पड़े और सुकून से रहा भी जा सके। क्या भविष्य में भी कभी ऐसा वक्त आएगा, जब ये काम करना संभव हो सकेगा? इस बात का जवाब डेनियल नाम के एक शख्स के पास है। जो पिछले 16 सालों से एक गुफा में रह रहा है।

16 सालों से गुफा में रह रहा शख्स
डेनियल शेलाबार्गर नाम का एक शख्स पिछले 16 सालों से गुफा में रह रहा है। शख्स कई सालों तक घर का किराया देते-देते इतना परेशान हो गया था कि फिर उसने गुफा में रहने का फैसला लिया। अब गुफा में रहने वाले डेनियल ने यहां अपने लिए सारे इंतजाम भी कर रखे हैं। गुफा में रहने के बाद डेनियल को कभी पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ी।

गुफा में रहते-रहते ऐसी बदली जिंदगी
कई लोग जब किराया अफोर्ड नहीं कर पाते, तो कोई सस्ती जगह ढूंढते हैं। जैसे कि हॉस्टल या फिर कोई और सस्ती जगह। लेकिन डेनियल एक गुफा में रहते हैं। सिर्फ गुफा में रहने की वजह से ही डेनियल की जिंदगी नहीं बदली, बल्कि उनकी जीवनशैली ने भी उनकी लाइफ को चेंज कर दिया। डेनियल एक नॉर्मल वेजिटेरियन की जिंदगी जीते हैं।

2009 में लिया ये बड़ा फैसला
पहले डेनियल पूरी तरह से नेचुरल चीजों से ही गुजर बसर करते थे। लेकिन फिर साल 2016 में उन्हें नॉर्मल जिंदगी में वापस आना पड़ा, क्योंकि उन्हें अपने माता-पिता की देखभाल भी करनी थी। डेनियल कहते हैं कि 90 के दशक के मध्य से वे गुफाओं में रह रहे हैं। हालांकि, गुफा में शिफ्ट होने का परमनेंट फैसला साल 2009 में उन्होंने लिया, जब अपनी सारी संपत्ति को उन्होंने त्याग दिया।
'लंबे समय से गुफा में सो रहा हूं'
अब डेनियल एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुके हैं। वे ओनली ह्यूमन के एपिसोड में भी नजर आ चुके हैं। यहां उन्होंने कहा कि मैं असल में गुफाओं में काफी लंबे समय से सो रहा हूं। मैं 90 के दशक से बिना पैसे के ही रह रहा हूं। जब शहर में मेरे पास एक सम्मानजनक नौकरी थी, तो मैंने सोचा कि बस हो गया। अब मैं और खर्चा नहीं कर सकता और बाहर रहना चाहता हूं। जब मैंने अपनी संपत्ति छोड़ी तो सोचा कि अब मैं पूरी तरह से मुक्त हूं। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मैं कहां हूं।

आखिर क्यों गुफा में होना पड़ा शिफ्ट?
इसके बाद उन्होंने कहा कि गुफा में रहने के बाद से भी सरकार की ओर से उन्हें किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली है। इसके बाद ऐसे मॉडर्न लाइफस्टाइल को छोड़कर उनसे जब गुफा में शिफ्ट होने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इस मॉडर्न लाइफ से तंग आ चुके हैं इसलिए उन्होंने गुफा में रहने का फैसला लिया है।
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