बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस की PCR में मिला शराब और मांस, पुलिस बोली- 'लोगों ने रखा था...'
जिन पुलिसकर्मियों पर भरोसा कर आम आदमी खुलेआम बेखौफ होकर घूमता है, उन्हीं पुलिसकर्मियों का बीते दिनों शर्मनाक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे गाड़ी में शराब पी रहे थे और मांस खा रहे थे। मामला था चंडीगढ़ का, जहां किसी ने शराब और मांस के साथ पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिसके बाद लोग इसकी जमकर आलोचना करने लगे। हालांकि, इसके बाद अब पुलिकर्मियों पर कार्रवाई की जा रही है।
चंडीगढ़ में बीते दिन पुलिस की पीसीआर वैन में शराब और चिकन का मामला सामने आने के बाद लोग हैरत में पड़ गए। हालांकि, इसके बाद सफाई देते हुए पुलिस ने कहा कि लोगों ने जबरदस्ती पुलिस की गाड़ी में शराब रख ली।

मामला सामने आने के बाद जो पुलिसकर्मी गाड़ी में मौजूद थे, उनकी मेडिकल जांच की गई। पुलिस ने कहा था कि जांच में अगर उनमें अल्कोहॉल की पुष्टि हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला सामने आने के बाद दोनों हेड कॉन्सटेबल अनिल कुमार और रूप कुमार को सेक्टर 26 स्थित पुलिस लाइन भेज दिया गया और उनकी ब्लड और यूरिन रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। ये दोनों कॉन्स्टेबल पीसीआर विंग में तैनात थे।
बताते चलें कि ये दोनों कांस्टेबल बुधवार की रात मनी माजरा के आईटी पार्क के पास इंदिरा कॉलोनी में उपद्रव की सूचना के बाद गए थे। इसके बाद कुछ लोगों को पुलिस की जिप्सी के अंदर शराब की बोतल, नमकीन और शराब से भरा एक गिलास मिला। हीरा लाल और गोपाल नाम के दो स्थानीय नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इसके बाद शुक्रवार को दोनों को जमानत पर रिहा भी कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि वीडियो तब बनाई गई, जब पीसीआर कर्मियों ने गोपाल को पकड़ा।
गोपाल को पकड़कर पुलिस की जिप्सी में बैठाया गया। हीरा ने पुलिस वाहन में शराब की बोतल देखी और उसे लगा कि पुलिसकर्मियों ने शराब पी रखी है। मौका देखकर उसने वीडियो शूट कर लिया।
अब डीएसपी पी अभिनंदन ने पुष्टि की है कि दोनों कांस्टेबलों को ड्यूटी में लापरवाही के लिए पुलिस लाइन सेक्टर 26 भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमें कल रात दोनों के खिलाफ एक शिकायत मिली। इनके सैंपल की मेडिकल जांच अभी भी आनी है। अगर उनकी जांच में एल्कोहॉल की पुष्टि मिलती है तो दोनों को निलंबित कर दिया जाएगा।
ओल्ड इंदिरा कॉलोनी के आक्रोशित निवासियों ने पुलिस विभाग पर दो पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप लगाते हुए आईटी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने हीरा और गोपाल के खिलाफ एफआईआर रद्द करने की भी मांग की।












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