पति ने 2.5 लाख खर्च करके बनवाई मरी हुई पत्‍नी की सिलिकॉन प्रतिमा, रोज करते हैं उनके साथ बातें

कोलकाता के एक शख्‍स ने 2.5 लाख रुपये खर्च करके अपनी दिवंगत पत्‍नी की 30 किलो की प्रतिमा बनवाई है। जिसे सिल्‍क की साड़ी और गहने पहनाए हैं। रोज वो अपनी पत्‍नी की कंघी करते हैं और उनसे बातें करते हैं।

wife

पति-पत्‍नी जीवन भर एक दूसरे का मजबूत सहारा होते हैं, अगर वो बिछुड़ जाते हैं तो दूसरे साथी की जिंदगी वीरान हो जाती है। ऐसे ही एक शख्‍स हैं जिनकी हंसती खेलती दुनिया कोरोना महामारी में उजड़ गई, जिस पत्‍नी को वो बेइंत्‍हा प्‍यार करते थे वो कोविड के चलते दुनिया को अलविदा कह गईं। जिसके बाद पत्‍नी की याद में वो गुमसुम रहने लगे, हर दिन अपनी पत्‍नी को देख सकें इसके लिए उन्‍होंने ऐसा इंतजाम किया जिसके बाद वो पूरा समय अपनी दिवंगत पत्‍नी के साथ ही बिताते हैं।

 2.5 लाख रुपये की सिलिकॉन प्रतिमा स्थापित की

2.5 लाख रुपये की सिलिकॉन प्रतिमा स्थापित की

दरअसल, कोलकाता के रहने वाले इस 65 वर्षीय व्यक्ति ने अपने घर में अपनी दिवंगत पत्नी की 2.5 लाख रुपये की सिलिकॉन प्रतिमा स्थापित की है। रिटायर्ड गर्वमेंट कर्मचारी तापस शांडिल्य इनका नाम है, जिन्‍होंने कोविड की दूसरी वेव में अपनी पत्‍नी इंद्राणी को खो दिया और अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए अब अपने घर में उन्‍होंने उनकी प्रतिमा बनवा ली है।

 पत्‍नी के पसंदीदा सोफे पर बैठाई है प्रतिमा

पत्‍नी के पसंदीदा सोफे पर बैठाई है प्रतिमा

दिवंगत पत्‍नी की सिलिकॉन प्रतिमा का वजन 30 किलो है। इतना ही नहीं अपनी पत्‍नी की प्रतिमा को अपने घर के उसी सोफे पर उसे बिठाया है जहां उनकी पत्‍नी को बैठना पसंद था। कोलकाता के वीआईपी रोड स्थित घर में तापस की दिवंगत पत्‍नी अपने पसंदीदा स्थान पर एक सोफे पर बैठी हैं।

साड़ी,गहने पहनाकर किया है श्रृंगार

साड़ी,गहने पहनाकर किया है श्रृंगार

तापस ने अपनी पत्‍नी की प्रतिमा को वो ही सिल्‍क की साड़ी और गहने पहनाए हैं, जो उनकी पत्‍नी को बहुत पसंद थे। ये वो साड़ी है जो उन्‍होंने अपने बेटे के रिसेप्‍शन में पहने थे। हर दिन तापस अपनी पत्‍नी की कंघी करते हैं उनकी मूर्ति की बिल्‍कुल वैसे ही देखभाल करते है जैसे जब वो जिंदा थीं। पत्‍नी के बगल सोफे पर बैठकर तापस अपने सारे काम करते हैं। यहां तक कि अपनी पत्‍नी से वो बातें भी करते हैं और अपने मन की बात भी बताते हैं।

मूर्तिकार, सुबीमल दास ने बताई है प्रतिमा

मूर्तिकार, सुबीमल दास ने बताई है प्रतिमा

इस सजीव प्रतिमा के मूर्तिकार, सुबीमल दास हैं, इसे बनाने में उन्‍हें पूरे छह महीने लगे हैं। तापस इस्कॉन मंदिर के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत स्वामी की सजीव प्रतिमा से प्रेरित हुए थे, जिसे उन्‍होंने अपनी पत्‍नी के साथ मायापुर में देखा था।

पत्‍नी ने जताई थी ये इच्‍छा

पत्‍नी ने जताई थी ये इच्‍छा

तापस ने कहा "हम एक दशक पहले मायापुर में इस्कॉन मंदिर गए थे और वहां के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत स्वामी की सजीव प्रतिमा को देखा था और हमें बहूत पसंद आई थी। तभी उनकी पत्‍नी इंद्राणी ने उनके समान ऐसी मूर्ति बनवाने की अपनी इच्छा शेयर की थी। उन्‍होंने कहा था कि अगर मैं आपके सामने गुजर जाऊं तो आप मेरी ऐसी मूर्ति बनवाना।

हर कोई देखने पहुंच रहा मूर्ति

हर कोई देखने पहुंच रहा मूर्ति

दिवंगत पत्नी के प्रति तापस का इतना प्‍यार हर किसी को उनके घर आने के लिए उत्‍सुक कर देता है। उनके पड़ोसी इस प्रतिमा को देखने के लिए आते रहते हैं। हालांकि तापस ने कहा मैंने ये लोगों का ध्यान खींचने" के लिए नहीं किया । मेरी पत्‍नी की मृत्यु 4 मई, 2021 को हुई थी, और यह मूर्ति बनवा कर सिर्फ उनकी इच्छाओं को पूरा करना चाहते थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+