क्या आपने देखा मेलानिस्टिक टाइगर? IFS अधिकारी ने शेयर की PHOTOS तो हैरान रह गए लोग
Black Tiger Photos: कैमरा ट्रैप में एक मेलेनिस्टिक बाघ को पकड़े जाने के बाद ओडिशा में सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। आईएफएस अधिकारी परवीन कासवान ने एक्स पर इस असाधारण बाघ की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।
मेलानिस्टिक बाघ, जिसे अकसर उनके घने और गहरे धारीदार पैटर्न के चलते 'काले बाघ' के रूप में जाना जाता है, बंगाल टाइगर की ही एक दुर्लभ ब्रीड है। ये एक आनुवांशिक बदलाव की वजह से होता है, जिससे शरीर में मेलेनिन की मात्रा बढ़ जाती है।

कासवान की पोस्ट ने न केवल इन प्राणियों की सुंदरता पर प्रकाश डाला, बल्कि सिमिलिपाल में छद्म-मेलानिस्टिक बाघों के इतिहास की जानकारी भी दी। उन्होने बताया कि बाघ मिलने का एक रिकॉर्ड साल 1993 में दर्ज है, जब एक आदिवासी युवक ने आत्मरक्षा में एक मेलानिस्टिक बाघ को मार डाला थाय़ इसके बाद इन बाघों को आधिकारिक तौर पर रिजर्व के अंदर देखा गया था।
कासवान ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 जुलाई 1993 को पोदागाड गांव के एक युवा लड़के सल्कू ने आत्मरक्षा में एक 'काली' बाघिन को तीर से मार गिराया। दुर्लभ बाघों को पहली बार आधिकारिक तौर पर 2007 में एसटीआर में देखा गया था। समय के साथ और अधिक बाघों का दस्तावेजीकरण किया गया। वे दुर्लभ आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण होते हैं और छोटी आबादी में पाए जाते हैं।

कासवान की पोस्ट में इन बाघों के महत्व का विवरण दिया गया है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि वे बहुत कम आबादी में पाए जाने वाले दुर्लभ आनुवंशिक उत्परिवर्तन ब्रीड हैं। सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व वर्तमान में इन अद्वितीय बाघों के लिए एकमात्र ज्ञात निवास स्थान है, जो इसे एक अमूल्य संरक्षण स्थल बनाता है।












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