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गलापागोस के पीले पक्षियों में शोर के कारण बढ़ी आक्रामकता, रिसर्च में सामने आईं हैरान कर देने वाली सच्चाई!

Galapagos Songbirds: गैलापागोस द्वीप समूह, जहां प्रकृति आज भी अपनी असली और शांत रूप में देखी जा सकती है, वहां एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। यहां के खूबसूरत, सुनहरे रंग के गाने वाले पक्षी - गैलापागोस येलो वॉर्बलर - अब पहले जैसे मासूम और शांत नहीं रहे। एक नए रिसर्च से पता चला है कि ये पक्षी अब ज्यादा गुस्से में रहते हैं, और इस बदलाव की वजह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि इंसानों का फैलाया गया शोर है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि थोड़ी सी आवाज भी इन पक्षियों के व्यवहार को बदलने के लिए काफी है। जहां हमें लगता है कि शोर सिर्फ शहरों की परेशानी है, वहीं अब यह प्रकृति के सबसे कोमल जीवों तक भी पहुंच गया है। यह रिसर्च न सिर्फ इन पक्षियों के बारे में है, बल्कि हमें एक बड़ा सवाल भी पूछने पर मजबूर करता है - क्या हमारी आधुनिक जीवनशैली सच में "प्रगति" है, या हम अपनी ही दुनिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं?

Galapagos Songbirds

शोध में क्या निकला?

अंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने गैलापागोस द्वीपों के 38 स्थानों पर ट्रैफिक के शोर की रिकॉर्डिंग बजाई। जहां जितना ज्यादा ट्रैफिक का शोर था, वहां पक्षियों की आक्रामकता उतनी ही ज्यादा देखी गई। हैरानी की बात ये रही कि फ्लोरिआना द्वीप, जहां केवल 10 कारें हैं, वहां भी ये असर देखा गया।
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शोर से क्यों परेशान हैं ये पक्षी?

शोर-शराबा सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, जानवरों और पक्षियों के लिए भी हानिकारक है। ये उनके व्यवहार को बदल सकता है, उन्हें तनाव में डाल सकता है और उनकी आपसी बातचीत (कम्युनिकेशन) को भी बिगाड़ सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जब ये पक्षी आपस में ठीक से संवाद नहीं कर पाते, तो वे ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं।

क्या सिर्फ पक्षी ही प्रभावित हो रहे हैं?

नहीं, शोर का असर इंसानों पर भी होता है। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के मुताबिक, ज्यादा शोर से हाई ब्लड प्रेशर, नींद में कमी, तनाव और काम में ध्यान की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए शोर कम करना न सिर्फ जानवरों, बल्कि हमारे लिए भी जरूरी है।

क्या किया जा रहा है समाधान के लिए?

वैज्ञानिकों का कहना है कि हमें शोर-प्रदूषण को गंभीरता से लेना होगा। इसके लिए कुछ उपाय हो सकते हैं:

  • जंगलों और प्राकृतिक इलाकों के पास बफर जोन बनाना
  • वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण
  • लोगों में जागरूकता फैलाना

यूरोपीय आयोग ने भी अपने Zero Pollution Action Plan में शोर को कम करने को प्राथमिकता दी है। कुछ गैर-सरकारी संस्थाएं जैसे Noise Pollution Clearinghouse इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने और सख्त कानूनों की मांग कर रही हैं।

आप क्या कर सकते हैं?

  • ज्यादा से ज्यादा पैदल चलें या साइकिल चलाएं
  • इलेक्ट्रिक वाहन या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें
  • प्रकृति में जाने पर "शांत रहो, कोई निशान मत छोड़ो" वाली नीति अपनाएं
  • हरियाली बढ़ाने वाली और शांति को बढ़ावा देने वाली नीतियों का समर्थन करें

शोर को कम करना सिर्फ पर्यावरण की रक्षा नहीं करता, यह हमें भी एक शांत और स्वस्थ जीवन जीने का मौका देता है।
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