इस बच्चे को हुई है ये गंभीर बीमारी, बचाने के लिए लगाना पड़ेगा 16 करोड़ रुपए का इंजेक्शन
नई दिल्ली। आठ सप्ताह का एडवर्ड आनुवांशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (एसएमए) से ग्रसित है। इस बीमारी में बच्चे के अंदर एसएमएन नामक प्रोटीन की कमी हो जाती है। एडवर्ड इसी बीमारी का शिकार है। इस बीमारी का इलाज तो है, लेकिन वह इतना मंहगा है कि, इलाज करना हर किसी के लिए संभव नहीं है। इस बीमारी के इलाज के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपए हैं।

बच्चे में गायब था SMN1 जीन
एसएमए के साथ पैदा हुए बच्चों में SMN1 जीन गायब होता है, इसलिए वे पर्याप्त एमएसएन प्रोटीन नहीं बना सकते हैं। यह प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और मूवमेंट के लिए अहम होती है। बच्चों को सांस लेना मुश्किल हो जाता है। महंगा जोलगेनेस्मा इजेक्शन इस जीन की जगह लेता है। दरअसल सही किए गए जीन को एक वायरस में डाल दिया जाता है (जो उसके डीएनए में नहीं होता है)। जिसे फिर बच्चे के हाथ में इंजेक्ट किया जाता है। ब्रिटेन में हर साल ऐसे 60 बच्चों का जन्म होता है जो एसएमए से ग्रस्त होते हैं।

इसका इलाज दुनिया की सबसे महंगी दवाओं से होता है
इसका इलाज दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से एक जोलगेनेस्मा (Zolgensma) इंजेक्शन से होता है। जिसकी कीमत 1.7 मिलियन पाउंड यानी करीब 16.79 करोड़ रुपए हैं। एडवर्ड के माता-पिता जॉन हॉल और मेगन विलीस ने अब क्राउड फंडिंग से पैसे जुटाने के लिए मुहिम शुरू की है। उन्हें 1.17 करोड़ दान से मिल भी चुके हैं। जॉन कहते हैं कि वे उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।

ये दुनिया के तीन सबसे महंगे इलाजों में से एक है
यह इंजेक्शन उन तीन जीन थैरेपीज में शामिल है जिसे यूरोप में इस्तेमाल करने की परमिशन मिली है। पहली परमिशन लिपोप्रोटीन लाइपेस की कमी होने वाली बीमारी के इलाज के लिए 2012 में ग्लिबेरा को लाइसेंस मिला था। इस बीमारी में खून में फेट बढ़ता है। इसके इलाज की कीमत 750,000 पाउंड यानी 7.4 करोड़ रुपए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडवर्ड को दिया जाने वाला यह इंजेक्शन ब्रिटेन में उपलब्ध नहीं है। इसे अमेरिका, जर्मनी, ब्राजील या जापान से मंगाया जाना है।












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