अस्पताल के टॉयलेट में गिरे कोरोना संक्रमित पिता की मदद के लिए गिड़गिड़ाती रही बेटी, तड़प-तड़प तोड़ा दम
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। पीबीएम अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीज टॉयलेट में गिरने से मौत हो गई। मरीज की बेटी लोगों के सामने पिता को उठाने के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन किसी ने मासूम की मदद नहीं की। एक घंटे तक जमीन पर पड़े रहे मरीज ने आखिरकार दम तोड़ दिया। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के कोविड सेंटर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स की लापरवाही व संवेदनहीनता के चलते एक कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति की मौत हो गई।

12 साल की बेटी मदद के लिए गुहार लगाती रही
दरअसल, मुक्ता प्रसाद नगर के सेक्टर नंबर 14 में किराये के मकान में रहने वाले व्यक्ति की 16 जून को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। इसके चलते उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के कोविड सेंटर में भर्ती करवाया था। मरीज के साथ उसकी 12 वर्षीय बेटी भी पॉजिटव थी। उसे भी पिता के पास वाले बैड पर भर्ती किया गया। सोमवार सुबह मुक्ता प्रसाद अपने बैड से उठकर टॉयलेट करने गया। जहां गंदगी होने के कारण वह फिसलकर फर्श पर गिर गया। करीब 15-20 मिनट तक वापस बैड पर नहीं पहुंचा तो उसकी 12 वर्षीय बच्ची को चिंता हुई। वह पिता को देखने के लिए टॉयलेट के पास गई, जहां उसके पिता फर्श पर गिरे हुए पड़े थे। उसके बाद बच्ची भागते-भागते डॉक्टर्स के पास पहुंची और पूरी बात बताई, जहां डॉक्टर ने इस बच्ची की बात को नजरअंदाज कर दिया।
जिला कलेक्टर की दखल हुई तब तक हो गई मौत
सूत्रों के अनुसार उसके बाद बच्ची ने अपने मकान मालिक को फोन किया और पूरी बात बताई। मकान मालिक ने CMHO को फोन कर घटना की जानकारी दी। सीएमएचओ ने अस्पताल के सुपरिटेंडेंट को इंतजाम कराने को कहा, लेकिन फिर भी मरीज को उठाने कोई नहीं आया। इसके बाद मकान मालिक ने घटना की जानकारी बीकानेर ज़िला कलेक्टर कुमार पाल गौतम को दी। करीब एक घंटे बाद मरीज को उठाने कुछ लोग पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार इस कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति की मौत शौचालय में ही हो गई थी। वही, इस घटना से गुस्साए लोगों ने पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सलीम का घेराव किया और लापरवाही डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।












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