क्या बिहार उपचुनाव में वोटबैंक की खातिर शहाबुद्दीन के बेटे की शादी में पहुंचे तेजस्वी यादव?
पटना। राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद रहे बाहुबली डॉन शहाबुद्दीन के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए सोमवार को तेजस्वी यादव सिवान के प्रतापपुर पहुंचे। वहां शादी के स्टेज पर तेजस्वी यादव बैठे और ओसामा के गले लगकर मुबारकबाद दी। उन्होंने तस्वीरों को ट्वीट कर भी ओसामा शहाब को शादी की बधाई दी। ओसामा की शादी जीरादेई के चांदपाली की डॉक्टर आयशा से हो रही है। आयशा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस हैं। आयशा को ससुराल लाने के लिए 13 अक्टूबर को ओसामा की बारात चांदपाली जाएगी। तेजस्वी के इस शादी में शरीक होने पर एनडीए में शामिल हम पार्टी ने टिप्पणी की है। पार्टी नेता दानिश रिजवान ने कहा कि मुस्लिमों का वोट लेने के लिए तेजस्वी यादव ओसामा की शादी में गए।

शहाबुद्दीन की मौत के बाद लालू परिवार पर लगे थे आरोप
तिहाड़ जेल में बंद रहे सिवान के खूंखार डॉन शहाबुद्दीन की मौत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर में हुई थी। इसी साल मई में दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान कोरोना संक्रमित शहाबुद्दीन का देहांत हो गया था। शहाबुद्दीन सिवान के चर्चित दो भाइयों की हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। लालू प्रसाद यादव को शहाबुद्दीन बड़ा भाई मानता था। शहाबुद्दीन की मौत के बाद परिवार, समर्थकों और विरोधियों ने यह आरोप लगाया था कि उसने लालू यादव के लिए इतना कुछ किया लेकिन जब उसको बेहतर इलाज की जरूरत थी तो लालू या तेजस्वी यादव ने कुछ नहीं किया।

हम नेता दानिश रिजवान ने दोहराई वही बात
हम पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने तेजस्वी यादव के ओसामा की शादी में शरीक होने पर तीखा वार किया। मंगलवार को दानिश रिजवान ने कहा कि शहाबुद्दीन के इंतकाल के बाद बेटा ओसामा दो दिन दिल्ली में भटक रहा था लेकिन राजधानी में होते हुए तेजस्वी यादव ने दूरी बना ली थी। अब ओसामा की शादी में जाकर ये चेहरा चमका रहे हैं। इनको उपचुनाव में हार का डर सता रहा है इसलिए मुस्लिम वोटबैंक के लिए ओसामा की शादी में तेजस्वी गए और ट्वीट कर बता रहे हैं कि कितना कुछ वहां कर आए।
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बुरे वक्त में नहीं दिया शहाबुद्दीन के परिवार का साथ: हम नेता
हम प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में कुशेश्वर स्थान और तारापुर में उपचुनाव है, जहां के मुसलमान इस बार तेजस्वी यादव से इस बात का बदला लेंगे जो उन्होंने शहाबुद्दीन के परिवार के साथ किया। बुरे वक्त में तेजस्वी यादव शहाबुद्दीन के परिवार के साथ खड़े नहीं हुए लेकिन अच्छे वक्त में शादी में इसलिए गए कि दोनों उपचुनावों में मुसलमान उनको वोट देकर जिता दें। ऐसा नहीं होगा, मुसलमान तेजस्वी यादव के चरित्र को समझ गए हैं और इस बार उपचुनाव में वो वोट नहीं देंगे।

ओसामा ने तेजस्वी यादव को दिया था निमंत्रण
शहाबुद्दीन के परिवार ने इस शादी में आने के लिए जिन वीआईपी को निमंत्रण भेजा था उनमें से तेजस्वी यादव भी थे। शहाबुद्दीन के निधन के बाद उनके परिवार से लालू के परिवार की जो दूरी बनी थी, उसे कम करने की कोशिश में तेजस्वी यादव लगे हैं। ओसामा की शादी में पहुंचकर और ट्विटर पर तस्वीरों को पोस्ट कर उन्होंने यह मैसेज दिया है कि लालू जैसे शहाबुद्दीन के साथ थे, वैसे ही आज वे ओसामा के साथ हैं। इसी शादी में मुख्तार अंसारी के दोनों बेटे अब्बास और उमर अंसारी भी पहुंचे। शहाबुद्दीन की विरासत अब ओसामा संभालेंगे इसलिए कहा जा रहा है कि मऊ के मुख्तार और सिवान के शहाबुद्दीन की दूसरी पीढ़ी अब एक-दूसरे से मेलजोल बढ़ा रही है जिसके पीछे राजनीतिक वजहें भी हैं। बिहार और यूपी के सीमावर्ती क्षेत्र में मऊ और सिवान आते हैं जहां के मुसलमानों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है।












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