पैसों की तंगी की वजह से पिता ने छोड़ी थी पढ़ाई, JEE mains में बेटे ने सौ फ़ीसद नंबर लाकर किया नाम रोशन

गया जिले के 38 बच्चों में 20 बच्चों ने 90 फीसद अंक हासिल किया है। वहीं गुलशन ने 100 फीसद अंक हासिल कर देश भर के टॉप-20 की सूची में जगह बनाई है। कभी उसके पिता ने पैसों की तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।

Village of IITians Gaya Gulshan Kumar Scor 100% marks in JEE mains Exam

Gaya Topper News: इंसान के अंदर अगर कुछ पाने का जज़्बा हो तो वह परेशानियों की समुंदर में भी गोता लगाकर कामयाबी की इबारत लिख ही देता है। कुछ इसी तरह की कहानी है बिहार के गया जिले के होनहार बच्चों की है। विलेज ऑफ आईआईटीयंस कहे जाने वाले गया पटवा टोली के 38 स्टूडेंट्स ने देश भर के IIT में दाखिला के लिए होने वाली परीक्षा JEE Mains में क्वालीफाई किया है। आपको बता दें कि 38 बच्चों में 20 बच्चों ने 90 फीसद अंक स्कोर किया है। गौर करने वाली बात है कि इसी ज़िले के गुलशन ने 100 फीसद अंक हासिल कर देश भर के टॉप-20 की सूची में जगह बनाई है ।

गुलशन ने 100 फीसद अंक हासिल कर किया नाम रोशन

गुलशन ने 100 फीसद अंक हासिल कर किया नाम रोशन

पटवा टोली गांव निवासी महिका, सनी और सौरभ ने 99 फिसद अंक हासिल किया है। वहीं नीतीश, प्रिंस, प्रांजल, इंद्रदेव और गुलशन ने 95 फीसद से ज्यादा अंक प्राप्त किया है। ग़ौरतलब है कि गुलशन को छोड़कर बाकी सभी बच्चों गांव से ही एग्ज़ाम की तैयारी की है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बच्चे 'वृक्ष' संस्थान में ग्रुप स्टडी के ज़रिए ही परीक्षा की तैयारी करते हैं। सौ फीसद अंक लाने वाले गुलशन के पिता पैसे की कमी की वजह से पढ़ाई नहीं कर सके थे। वहीं अब बेटे ने उनके सपनों को साकार किया है। गुलशन के गांव वाले उसकी जमकर तारीफ़ कर रहे हैं। उनका कहना है कि गुलशन आगे चलकर ज़िले को एक अलग पहचान दिलाएगा।

पिता ने पैसे की कमी की वजह से छोड़ी थी पढ़ाई

पिता ने पैसे की कमी की वजह से छोड़ी थी पढ़ाई

मानपुर पटवा टोली के शिवचरण लेन निवसी तुलसी प्रसाद (गुलशन के पिता) पेशे से बुनकर हैं। पावरलूम की आमदनी से उनके परिवार का गुज़ारा होता है। तुलसी प्रसाद ने बताया कि उनकी सालाना आमदनी लाख रुपये से कम है। तीन बच्चों के साथ परिवार का जैसे तेसे गुज़ारा करते हैं। पैसों की तंगी की वजह से मैट्रिक के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। आर्थिक तंगी की वजह से अपने बेटे को ट्यूशन तक नहीं पढ़ा सकते हैं। उनके बेटे गुलशन ने खुद की मेहनते से 10वीं कक्षा में 86 फीसद अंक हासिल किया था। फिट्जी के फॉर्चून-40 प्रोग्राम में उसने अपनी मेहनत से उसने जगह बनाई और वहीं से मुफ्त में में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है।

इस तरह कामयाब होते हैं यहां के बच्चे

इस तरह कामयाब होते हैं यहां के बच्चे

गया जिले के इस गांव के लाल पूरी दुनिया में अच्छे-अच्छ संस्थानों में कार्यरत हैं और अपने जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। आपके ज़ेहन में भी यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर गांव में ही तैयारी करने वाले बच्चे इतने अच्छे अंक कैसे हासिल कर लेते हैं। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यहां के पुराने छात्र हैं जो विभिन्न जगहों पर काम कर रहे हैं। गांव के कामयाब छात्रों ने स्टड़ी चेन बनाई है, जिसके तहत वह तैयारी करने वाले बच्चों का खुद मार्गदर्शन करते हैं। वहीं वह अपनी पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद दूसरों छात्रों को स्टडी मैटेरियल दे देते हैं। इसके अलावा बच्चों को ऑनलाइन टिप्स भी देते रहते हैं। वहीं कुछ कामयाब छात्र गांव आने पर बच्चों की क्लास लेते हुए उन्हें सफलता के मंत्र भी सिखाते हैं।

ये भी पढ़ें: Motivational Story: 'लड़की होकर अकेले बाहर जाती है', लोगों ने दिए थे ताने, मुरली ने मेडल जीत कर दिया जवाब

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+