Bihar News: बिहार के दो शिक्षक राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित

Bihari Teacher Selected For National Award: बिहार में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की कार्यशैली सवाल उठते रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे शिक्षक भी हैं, जिनके काम की सराहना देशभर में हो रही है। ऐसे शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाज़ा जाता रहा है। इसी क्रम में 5 सितंबर को बिहार के दो शिक्षकों को नाम राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शिव गंगा गर्ल्स प्लस टू स्कूल (मधुबनी) की शिक्षिका डॉ. मीनाक्षी कुमारी और न्यू प्राईमरी स्कूल (तरहनी, कैमूर) के शिक्षक सिकेंद्र कुमार को सम्मानित किया जाएगा। आपको बता दें कि सिकेंद्र कुमार बतौर प्रधानाध्यापक प्राईमरी स्कूल में कार्यरत है।

Two teachers from Bihar selected for National Award President Draupadi Murmu will honor news hindi

सिकेंद्र कुमार ने प्लस टू की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से ली, इसके बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय का रुख किया। वहीं स्नातकोत्तर की पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से की है। अपने काम के अंदाज़ से उन्होंने ग्रामीणों के दिल में ख़ास जगह बना ली है।

सिकेंद्र कुमार ने बताया कि उनके स्कूल में 52 छात्रों का रजिस्ट्रेशन है। सभी बच्चों को स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जा रही है। पूरी कोशिश रहती है कि छात्रों को डिजिटल शिक्षा से भी रूबरू करवाते रहें, ताकि उनका भविष्य और बेहतर हो सके। आप भी विद्यालय घूमने आएंगे तो ऐसा लगेगा जैसे कि किसी निजी किड्स प्ले स्कूल पहुंचे हैं।

शिवगंगा प्लस टू उच्च विद्यालय (मधुबनी) की शिक्षिका डा.मीनाक्षी का नाम राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयनित होने पर जिले के शिक्षकों में खुशी का माहौल है। डॉ. मीनाक्षी अपनी ख़ाह पहल के लिए ज़िले भर में मशहूर हैं। उन्होंने बच्चियों के लिए खुद पढ़ो, दूसरों को भी पढ़ाओ अभियान चलाया। सैकड़ों छात्राएं उनके इस अभियान से जुड़ी हुई हैं।

डॉ. मीनाक्षी कविता के ज़रिए बच्चों को शिक्षा, महिलाओं में आत्मनिर्भर, दहेज़ प्रथा और बाल विवाह आदि विषयों पर लोगों को जागरूक करती रही हैं। वह अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी हैं, उनके डॉ. महेश चंद्र चौधरी रसायन शास्त्र के प्रोफेसर थे। मीनाक्षी ने कहा कि उनके पिता का सपना था कि वह समाज के लिए कुछ खास और अलग करें।

अपने पिता के सपनों को साकार करते हुए वह अपनी अनोखी मुहिम चलाते रहती हैं। ग़ौरतलब है कि डॉ मीनाक्षी की अभी तक कई पुरस्कारों से हौसला अफज़ाई की जा चुकी है। बालिका शिक्षा में अहम योगदान के लिए भी उन्हें साल 2022 में राजकीय शिक्षक पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है।

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