Bihar News: ‘ठाकुर विवाद’ से ही लिखी जा चुकी थी RJD की नींव हिलाने की स्क्रिप्ट, क्यों तेज़ हुई ये चर्चा
Bihar News Update: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद अब एक बार फिर 'ठाकुर विवाद' पर सियासी गलियारों में चर्चा तेज़ हो चुकी है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 'ठाकुर विवाद' के बाद ही बिहार में राजद की नींव हिलाने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी थी। आइए समझते हैं पूरा माजरा क्या है?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार को सोमवार के दिन बहुमत साबित करना था। राजद और जदयू अपने-अपने तरीक़े सियासी रणनीति बना रहे थे। सभी को लग रहा था कि राजद फ्लोर टेस्ट में खेला कर देगी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

फ्लोर टेस्ट के दिन जदयू ने ही अपने पाले में राजद विधायकों को कर लिया।चेतन आनंद, प्रह्लाद यादव और नीलम देवी जदयू से जा मिलीं। राजद से किनारा कर जदयू खेमे में गए विधायक चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे) ने एक तंज़ भरा पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया।
विधायक चेतन आनंद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा कि 'ठाकुर के कुएं में पानी बहुत है, सब को पिलाना है'। इसके बाद से ही यह चर्चा तेज़ हुई कि इस खेल की स्क्रिप्ट उस दिन ही तैयार हो गई थी, जब राज्यसभा में सांसद मनोज झा 'ठाकुर का कुंआ' पर कविता पढ़ी थी।
मनोज झा के कविता के बाद से बिहार में ज़ुबानी जंग तेज़ हो चुकी थी। चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन ने इस बयान की पुरज़ोर निंदा की थी। चेतन आनंद और आनंद मोहन के बग़ावती सुर को देख राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी ज़ोरदार हमला बोला था।
लालू प्रसाद यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा था कि 'जिसको जितनी अक्ल होगी वह उतना ही सोचेगा। वह अपना अक्ल और शक्ल देखें। जो सज्जन यह प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, वह अपने समुदाय में जातिवाद के लिए मशहूर हैं।
लालू यादव के इस बयान को चेतन आनंद और आनंद मोहन से जोड़कर देखा जा रहा था। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि इसी बयान के बाद से आनंद मोहन के परिवार ने राजद की नींव हिलाने की प्लानिंग कर ली थी। फ्लोर टेस्ट से अच्छा मौक़ा नहीं मिलते, चेतन आनंद ने बिना वक्त गंवाए मौक़े पर चौका लगा दिया और राजद की नींव हिल गई।












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