बिहार में चमकने वाली है गन्ना किसानों की किस्मत, इस जिले में लगेगा सबसे बड़ा इथेनॉल प्लांट
चीनी के मिलों के लिए बिहार की एक अलग पहचान थी, लेकिन अब ज़्यादातर चीनी मिलें बंद हो चुकी है।
पटना, 13 अप्रैल 2022। चीनी के मिलों के लिए बिहार की एक अलग पहचान थी, लेकिन अब ज़्यादातर चीनी मिलें बंद हो चुकी है। वहीं अब बिहार सरकार गन्ना आधारित उद्योग लगाने पर खास ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में बड़े पैमाने पर राज्य में गन्ना आधारित इथेनॉल की फैक्ट्री लगाई जा रही है। अब बिहार को इथेनॉल के कारोबार के लिए पूरे देश में जाना जाएगा। आपको बता दें कि इथेनॉल की चार फैक्ट्रियां बन कर पूरी तरह से तैयार है, जल्द ही उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। मिथिला को उद्योग से जोड़ने और व्यापक विकास कार्यों के लिए लगातार योजनाओ को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

बिहार का सबसे बड़ा इथेनॉल प्लांट
बिहार का सबसे बड़ा इथेनॉल प्लांट मधुबनी के लोहट में बनाया जा रहा है, इस बाबत ज़मीन भी मिल गई है। बिहार में अब तक आरा, गोपालगंज, परवता, पुर्णिया, सहित चार इथेनॉल प्लांट बने हैं। ग़ौरतलब है कि दरभंगा में अशोक पेपर मिल और पंडोल में सूत मिल के सुचारू रुप से संचालन पर ध्यान दिया जा रहा है। उद्योग विभाग का बजट बिहार में 1600 करोड़ का है। इसके साथ ही 19 लाख लोगों को रोजगार देने की भी योजना है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2025 तक इन सभी मुद्दे को अमलीजामा पहनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। बिहार और मिथिलांचल में विकास के मकसद से उद्योग लगाने की क़वायद तेज़ की जा रही है। इसी क्रम में 1700 हेक्टेयर जमीन की तलाश की जा रही है ताकि मेगा टेक्सटाइल का भी मिर्माण किया जा सके।

पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य
केंद्र की भाजपा सरकार ने साल 2025 तक पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यही वजह है कि इथेनॉल प्लांट लगाने वाली कंपनियों को सस्ते दरों पर केंद्र सरकार लोन भी मुहैय्या करवा रही है। इस बाबत सरकार ने शुगर डेवलपमेंट फंड की स्टैंडिंग कमेटी का भी गठन किया है। कमेटी भी 2 फीसदी और सस्ता लोन देने की सिफारिश चुकी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार अभी तक पूरे देश में 422 इथेनॉल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे चुकी है। इथेनॉल पर काफ़ी ज़ोर दिया जा रहा है लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। आइए जानते हैं कि इथेनॉल किया है। इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल जिसे पेट्रोल में मिलाकर फ्यूल की तरह गाड़ियों में इस्तेमाल किया जाता है।

किन-किन चीज़ों से बनता है इथेनॉल ?
बिहार में गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए फ़ैक्ट्रियां लगाई जा रही हैं। जानकार बताते हैं कि इथेनॉल का उत्पादन वैसे तो गन्ने से ही होता है। लेकिन अब चावल से भी इथेनॉल उत्पादन की सरकार तैयारी कर रही है। ग़ौरतलब है कि इथेनॉल की खरीद करने के लिए अगले पांच साल में केंद्र सरकार गारंटी देने भी की योजना बना चुकी है। गन्ना किसानों को इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से सीधा फायदा होगा। क्योकि शुगर मिलों के पास आसानी से पैसा उपलब्ध होने के साथ ही चीनी पर निर्भरता भी कम होगी। साल 2018-2019 में चीनी मिलों और अनाज आधारित भट्टियों (डिस्टिलरीज़) से 189 करोड़ लीटर इथेनॉल की आपूर्ति की गई थी। इसमें 5 फीसदी सम्मिश्रण तैयार हुआ था।
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