Bihar Politics: तो इस वजह से राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, अटकलों पर लगा विराम
Bihar Politics: बुधवार की अहले सुबह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यपाल की मुलाक़ात की ख़बर ने सियासी गलियारों में एक अलग ही बहस को हवा दे दी थी। प्रदेश में खेला होने को लेकर संभावनाओं की सियासत पर अटकलें लग रही थी, जिस पर की अब विराम लग चुका है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?
बिहार के मधुबनी जिले में वाहन जांच के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित मौलाना मोहम्मद फिरोज ने दावा किया कि पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने फिरोज से मुलाकात की।

तेजस्वी यादव ने 3 फरवरी को मौलाना मोहम्मद फिरोज से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान फिरोज ने बताया कि पुलिस की पिटाई के कारण वह दो दिन तक सो नहीं पाया और यहां तक कि आत्महत्या के बारे में भी सोचने लगा। तेजस्वी ने स्थिति से निपटने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों की आलोचना की।
तेजस्वी यादव ने मौलाना मोहम्मद फिरोज़ से मुलाक़ात के बाद में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलकर जिम्मेदार डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बुधवार की सुबह वह राज्यपाल से इस बाबत ही मिलने गए थे। 30 जनवरी को मौलाना मोहम्मद फिरोज ने पुलिस पर नियमित वाहन जांच के दौरान बेवजह हिंसा करने का आरोप लगाया।
मोहम्मद फिरोज़ ने बताया कि पिटाई से उन्हें कई चोटें आईं। एसपी को दी गई उनकी शिकायत के बाद जांच में कदाचार के दोषी पाए गए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई मुकेश कुमार और अन्य शामिल थे।
तेजस्वी यादव किसी भी समुदाय के खिलाफ अन्याय या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करने की बात कहते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाए या न बनाए, वे इस तरह के कृत्यों का निर्णायक जवाब देंगे। आपको बता दें कि मौलाना मोहम्मद फिरोज गांव की एक मस्जिद में इमाम के तौर पर काम करते हैं।
ग्रामीणों ने की मानें तों मौलाना बीमार थे और पुलिस द्वारा रोके जाने पर घर लौटने से पहले अपने ससुराल में रह रहे थे। 2018 में उनकी शादी हुई और वह पांच और दो साल की दो बेटियों के पिता हैं। एसपी की जांच के बाद घटना में शामिल लोगों को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा, प्रशिक्षु डीएसपी गौरव गुप्ता को मधुबनी पुलिस कार्यालय में योगदान देने के लिए फिर से नियुक्त किया गया। इस बीच, जेडीयू की महिला प्रदेश अध्यक्ष भारती मेहता ने अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की बात स्वीकार की, लेकिन तेजस्वी यादव के कथित पुलिस वसूली के दावों को चुनौती दी।
इस घटना ने बिहार में महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिसमें नेताओं ने कानून प्रवर्तन प्रथाओं पर सवाल उठाए हैं और जवाबदेही की मांग की है। जैसे-जैसे जांच जारी है, जनता का ध्यान मौलाना मोहम्मद फिरोज के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।












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