गांधी सेतु के उद्घाटन में तेजस्वी को नहीं मिला निमंत्रण, सोशल मीडिया पर RJD समर्थकों ने उठाए सवाल
मंगलवार को गांधी सेतु के दूसरे लेन का उद्घाटन हुआ जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निमंत्रण नहीं दिया गया।
पटना, 8 जून 2022। महात्मा गंधी सेतु पर यातायात बहाल होने के बाद अब सियासी जंग जारी हो गई। दरअसल मंगलवार को गांधी सेतु के दूसरे लेन का उद्घाटन हुआ जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निमंत्रण नहीं दिया गया। जिसके बाद से आरजेडी समर्थकों ने सोशल मीडिया सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी कसा तंज़
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने सोशम मीडिया पर लिखा कि "जिसने उपमुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री रहते 18 महीने के अल्प कार्यकाल में 5 बार नितिन गड़करी जी से मिल गांधी सेतु के जीर्णोद्धार के लिए वास्तविक लड़ाई लड़ी उसे डबल इंजन सरकार की संकीर्ण सोच व राजनीति ने राघोपुर के स्थानीय विधायक के नाते भी उद्घाटन कार्यक्रम में बुलाना जरूरी नहीं समझा, हमसे और हमारे द्वारा किए विकास कार्यों से इतना डर!"।

गांधी सेतु के जीर्णोद्धार के लिए तेजस्वी ने भी की थी मुलाक़ात
हाजीपुर में मंगलवार को नए महात्मा गांधी सेतु का उद्घाटन समारोह में तेजस्वी यादव को निमंत्रण नहीं मिलने पर आरजेडी समर्थकों नाराज़गी जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकार्पण समारोह को NDA सरकार कार्यक्रम बनाते हुए विपक्ष को जगह नहीं दिया गया। ग़ौरतलब है कि गांधी सेतु के जीर्णोद्धार के लिए तेजस्वी यादव ने कई दफ़ा नितिन गडकरी से मुलाक़ात की थी जिसकी पेपर कटिंग और तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

तेजस्वी यादव को आमंत्रित नहीं करना निंदनीय- RJD
आरजेडी समर्थकों ने सरकारी समारोह में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को न्योता नहीं देन पर सवाल खड़ा किया है। RJD ने दलील है गांधी सेतु के जीर्णोद्धार शुरू होने के वक्त तेजस्वी यादव पथ निर्माण मंत्री थे। लोकार्पण समारोह में इस हैसियत से भी तेजस्वी यादव को बुलाया जाना चाहिए था लेकिन नहीं बुलाया गया। इस मामले में चितरंजन गगन (प्रवक्ता, आरजेडी) ने कहा कि यह बहुत ही अफसोस की बात है कि तेजस्वी यादव को एक विधायक की हैसियत से भी निमंत्रण नहीं दिया गया। गांधी सेतु का एक भाग तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में ही पड़ता है। तेजस्वी यादव का महात्मा गांधी सेतु के जीर्णोद्धार में अहम किरदार रहा था। नेता प्रतिपक्ष एक संवैधानिक पद है और मंत्री के बराबर माना जाता है लेकिन फिर भी तेजस्वी यादव को आमंत्रित नहीं करना निंदनीय है।
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