VIDEO: 'अरे इसमें तो जयचंदवा बैठा है', हेलीकॉप्टर में तेजस्वी यादव को देख तेजप्रताप को क्यों आया गुस्सा?
बिहार चुनाव 2025 की रणभूमि से दो भाइयों, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव का एक हाई-वोल्टेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो सिर्फ दो नेताओं के आमने-सामने आने का नहीं है, बल्कि लालू परिवार के भीतर की सियासी कड़वाहट को खुलकर दिखा रहा है।
एक तरफ आरजेडी का नेतृत्व कर रहे छोटे भाई तेजस्वी यादव हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी से निकाले जाने के बाद अपनी 'जनशक्ति जनता दल' बनाकर चुनौती दे रहे बड़े भाई तेज प्रताप यादव।
पटना एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में, जब तेजस्वी यादव का हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहा था, तब तेज प्रताप यादव की बस रनवे की ओर जा रही थी। इस दौरान जो कुछ हुआ, वह बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहने वाला है।

उड़ते हेलीकॉप्टर में भाई को देख...'जयचंदवा' पर आया गुस्सा
वायरल वीडियो पटना एयरपोर्ट का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि तेज प्रताप यादव अपनी बस में सवार होकर रनवे की तरफ बढ़ रहे हैं। तभी सामने से तेजस्वी यादव का हेलीकॉप्टर टेकऑफ करने की तैयारी में होता है। तेज प्रताप के साथ मौजूद एक शख्स कहता है कि 'तेजस्वी जी का जहाज चालू है।'
इस पर तेज प्रताप यादव तुरंत बस की सीट से उठते हैं और ध्यान से हेलीकॉप्टर को देखते हैं। उनका पहला जवाब उनकी नाराजगी को साफ दिखाता है: 'तेजस्वी जी का जहाज थोड़े है वह तो उसपर सवार हैं।'
इसके बाद, वह अपने साथी से पूछते हैं कि वह किसकी टीम में है, और स्पष्टीकरण मिलने पर कहते हैं, 'हां तो हमारी चर्चा कीजिए।' लेकिन जैसे ही हेलीकॉप्टर उनके नजदीक से गुजरता है, उनकी नजर तेजस्वी यादव के बगल में बैठे शख्स पर पड़ती है- और उनका गुस्सा फूट पड़ता है।
तेजस्वी यादव के सहयोगी और राज्यसभा सांसद संजय यादव को हेलीकॉप्टर में देखकर, तेज प्रताप यादव ने तपाक से वह टिप्पणी कर दी जिसने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया: 'अरे इसमें तो जयचंदवा बैठा है।'
'जयचंद' कौन? संजय यादव पर तेज प्रताप का पुराना वार
यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव ने संजय यादव को 'जयचंद' कहा है। आरजेडी से निकाले जाने के बाद से ही तेज प्रताप यादव, छोटे भाई के इस करीबी सहयोगी और पार्टी के राज्यसभा सांसद को इसी नाम से संबोधित करते रहे हैं। तेज प्रताप की नजर में, संजय यादव ही वह व्यक्ति हैं जो दोनों भाइयों के बीच और परिवार में दूरी पैदा कर रहे हैं। इस सार्वजनिक टिप्पणी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लालू परिवार में राजनीतिक सुलह की गुंजाइश फिलहाल खत्म हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications