'जय श्रीराम' के नारे सुनकर क्यों आगबबूला हुए तेज प्रताप यादव? अंत में जो कहा, उसे सुनकर आप उनके फैन हो जाएंगे!
Tej Pratap Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से बाहर निकाले जाने और पारिवारिक दूरी के बाद, तेज प्रताप यादव इन दिनों अपनी अलग पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' के बैनर तले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए वे लगातार रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।
इसी क्रम में, वे हाल ही में बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर में एक चुनावी सभा में पहुँचे। मंच पर उनके आते ही भीड़ में कुछ उत्साही लोगों ने ज़ोर-ज़ोर से 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इन नारों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी, लेकिन तेज प्रताप ने जिस तरह से इसका जवाब दिया, उसने न केवल विरोधियों को चुप कराया, बल्कि उनके अपने समर्थकों का दिल भी जीत लिया।

क्यों भड़के तेज प्रताप?
रैली के दौरान 'जय श्री राम' के नारों पर तेज प्रताप यादव ने तुरंत माइक्रोफोन संभाला और भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग सिर्फ़ 'जय श्री राम' बोल रहे हैं, उन्होंने गलत किया। उनका यह बयान सुनते ही सभी लोग हैरान रह गए।
मिट्टी को माथे से लगाया
उन्होंने तुरंत अपनी नाराज़गी का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि, गलत इसलिए किए कि आपने सीता माता का नाम छोड़ दिया। इसलिए यहां नारा सिर्फ 'जय श्री राम' नहीं, बल्कि 'जय सिया राम' होना चाहिए। यह जानकी की धरती है। मैं इस धरती को माथे से लगाने का काम करता हूँ। इसकी मिट्टी को उठाइए (मिट्टी उठाते हुए)... यह जो मिट्टी है, यह माँ धरती का... जननी है मिट्टी यह। इस मिट्टी को कोई नेता यहाँ आकर मंच के माध्यम से नहीं लगाया, लेकिन देखिए हम लगा लेते हैं (मिट्टी को माथे से लगाते हुए)।
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बिहार को 'सोना का चिड़िया' बनाएंगे- तेजप्रताप
सामाजिक न्याय की अपील: उन्होंने इस भावनात्मक जुड़ाव के बाद अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल के लिए समर्थन माँगा। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर वे सही में बिहार का परिवर्तन और सामाजिक न्याय को धरातल पर लागू करना चाहते हैं, तो उनकी पार्टी को आशीर्वाद दें। तेज प्रताप ने अपनी बात का समापन एक बड़े वादे के साथ किया। उन्होंने कहा कि वह एक नया सवेरा लेकर आएँगे और बिहार को शिक्षा के बल पर फिर से 'सोना का चिड़िया' बनाएंगे।
इस बार अपनी नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तेजप्रताप
राजद से बाहर किए जाने और परिवार से बढ़ती दूरियों के बीच तेज प्रताप यादव ने अब अपनी राजनीतिक राह खुद तय करने का फैसला कर लिया है। उन्होंने हाल ही में अपनी नई पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' (JJD) की घोषणा की। तेज प्रताप का कहना है कि अब वे किसी और पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने दम पर राजनीति करेंगे। इसी वजह से आने वाले विधानसभा चुनाव में वे खुद JJD के प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरेंगे। इतना ही नहीं, उनकी पार्टी बिहार की लगभग हर सीट पर उम्मीदवार उतारकर चुनावी जंग में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
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