Bihar News: SC से तेजस्वी यादव को राहत! आपराधिक मानहानि शिकायत की कार्यवाही पर लगी रोक
आरजेडी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ी राहत दी है। तेजस्वी यादव के खिलाफ उनकी कथित 'केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं' वाली टिप्पणी को लेकर गुजरात में दायर आपराधिक मानहानि शिकायत की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ अहमदाबाद में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष लंबित मामले को गुजरात के बाहर, अधिमानतः दिल्ली में स्थानांतरित करने की मांग करने वाली यादव की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई।

पीठ ने नोटिस जारी किया और आरजेडी नेता की याचिका पर गुजरात के उस व्यक्ति से जवाब मांगा, जिसने यादव के खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की है। यादव ने अपने वकील अजय विक्रम सिंह के माध्यम से मामले को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की है।
यादव के खिलाफ इन धाराओं में शिकायत दर्ज
कथित आपराधिक मानहानि के लिए यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत गुजरात की एक कोर्ट में शिकायत दर्ज की गई थी। गुजरात कोर्ट ने अगस्त में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच की थी और एक स्थानीय व्यवसायी और कार्यकर्ता हरेश मेहता द्वारा दायर शिकायत पर उन्हें समन करने के लिए पर्याप्त आधार पाया था।
आखिर यादव का क्या था विवादित बयान?
शिकायत के अनुसार, यादव ने मार्च 2023 में पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि "वर्तमान स्थिति में केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं, और उनकी धोखाधड़ी को माफ कर दिया जाएगा। अगर वे एलआईसी या बैंकों का पैसा लेकर भाग गए तो कौन जिम्मेदार होगा ?" बिहार के डिप्टी सीएम ने कथित तौर पर कहा था। स्थानीय व्यवसायी और कार्यकर्ता हरेश मेहता ने अपनी शिकायत में दावा किया कि बयान ने सभी गुजरातियों को बदनाम किया है।












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