सृजन घोटाला: CBI जांच के घेरे में आ सकते हैं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी
पटना। बिहार का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताए जा रहे सृजन घोटाले में सीबीआई जांच की अनुमति मिल गई है। लगभग 1 हजार करोड़ के इस घोटाले में कई सफेदपोश चेहरों के बेनकाब होने की बात कही जा रही है। वहीं विश्वसनीय सूत्रों की माने तो इस जांच के घेरे में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी आ सकते हैं। क्योंकि ऐसा कहा जा रहा है कि जब इस घोटाले की शुरुआत हुई थी उस वक्त बिहार सरकार में सुशील कुमार मोदी वित्त मंत्री थे। ऐसे में सीबीआई जांच की आंच उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी तक भी पहुंच सकती है।

18 गिरफ्तार
आपको बताते चलें कि बिहार में हुए इस चर्चित घोटाले को लेकर अब तक 14 FIR दर्ज किए गए हैं। FIR दर्ज करने के बाद जांच पड़ताल के दौरान बिहार पुलिस की विशेष टीम ने कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है तो इस मामले मे कई आरोपी की मौत भी हो चुकी है। ऐसा कहा जा रहा है कि मामले की जांच करने के लिए एक-दो दिन में ही सीबीआई की टीम भागलपुर आएगी।

विपक्ष का आरोप
बिहार में चल रहे सरकार की विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस घोटाले में सुशील कुमार मोदी का हाथ है क्योंकि 2005 से लेकर 2013 तक सुशील कुमार मोदी वित्त मंत्री और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे। तभी वर्ष 2005 से लेकर 2013 तक सरकारी अनुदान निजी खातों में स्थानांतरित किए गए थे। आज के कुछ दिन पहले राजद नेताओं ने इस घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में सीबीआई जांच की अनुसंशा केंद्र सरकार से की तथा इसे मंजूरी भी दे दी गई।

नीतीश कुमार ने कहा
उल्लेखनीय है कि जब से इस मामले की शुरुआत हुई थी तब से दिन पर दिन घोटाले की राशि बढ़ती जा रही है। इस घोटाले में अब तक कई जिलाधिकारियों, नेताओं की पत्नियों के नाम सामने आ चुके हैं। वहीं इस घोटाले के बारे में बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहां कि इस का पर्दाफाश हमने ही किया था और इसमें दोषी सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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