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आगरा: गरीबी, एक हाथ न रहने के बावजूद सोनिया ने हासिल किया बड़ा मुकाम

बचपन से अपाहिज सोनिया शर्मा ने हार नहीं मानी और शूटिंग में उन्होंने बड़ा मुकाम हासिल किया। मगर इन सब के बावजूद उसे बदले में न सरकार की मदद मिली ना ही प्रशंसा।

आगरा। चेहरे पर मुस्कान और दिल में कुछ कर दिखाने का जज्बा । उसने अपनी कमी को ही अपना हथियार बना लिया। लक्ष्य पर निशाना साध कामयाबी को कदमो में ले आई और देखते ही देखते ताजनगरी के बेहतरीन निशानोबाजों में शुमार हो गई। जी हां, हम बात कर रहे हैं सोनिया शर्मा की, जिसने विकलांग होते हुए भी दूसरों के सामने सफलता की अनूठी मिसाल कायम की है। सोनिया ने नेशनल गेम्स में उल्टे हाथ से पिस्तौल चला कर सिर्फ सिल्वर मैडल हासिल किया। इतना ही नहीं भारत की सेकंड बेस्ट दिव्यांग महिला शूटर का खिताब भी अपने नाम किया। मगर इन सब के बावजूद उसे बदले में न सरकार की मदद मिली ना ही प्रशंसा। Read Also: कबाड़ से क्या-क्या कमाल कर गया ये शख्स, देखने वाले रह गए दंग

आगरा: गरीबी, एक हाथ न रहने के बावजूद सोनिया ने हासिल किया बड़ा मुकाम

सेंट जोंस की एम कॉम फर्स्ट ईयर की छात्रा सोनिया शर्मा बचपन से अपाहिज हैं। दाएं हाथ का सहारा न होने के बावजूद वो काफी अच्छी निशानेबाज़ी करती हैं। सोनिया पर निशानेबाजी का जुनून इस कदर सवार है कि उसने इसी क्षेत्र में नाम रोशन करने की ठानी। पूरे यूपी से दस मीटर एयर पिस्टल खेलने वाली इकलौती लड़की और आगरा के बल्केश्वर के एक छोटे से क्वार्टर में रहने वाली सोनिया की कहानी बहुत दुखभरी है। पिता ठाकुरदास को लगता था कि एक दिन सोनिया उनका नाम रोशन करेगी।

आगरा: गरीबी, एक हाथ न रहने के बावजूद सोनिया ने हासिल किया बड़ा मुकाम

2011 में सोनिया के स्कूल सेंट एन्ड्रूज में शूटिंग रेंज बनाई गयी और कैंप लगा जिसमें सोनिया ने आम बच्चों की तरह भाग लिया। अच्छा निशाना लगाने पर स्कूल ने उसे यूपी लेवल पर खेलने भेज दिया गया। वहां सोनिया ने विकलांगता को पछाड़ कर जनरल कैटेगिरी में भाग लेते हुए सिल्वर पदक हासिल कर नाम कमाया। उसके बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल पर हो रही चैम्पियनशिप में सोनिया के अविकसित हाथ रायफल का बोझ नहीं उठा पाये और हाथ से खून निकलने लगा पर सोनिया ने खेल जारी रखा और गोल्ड मेडल जीता।

आगरा: गरीबी, एक हाथ न रहने के बावजूद सोनिया ने हासिल किया बड़ा मुकाम

नहीं मिलीं कोई मदद

देश और प्रदेश में इतना नाम करने के बावजूद सोनिया को ना सरकार से मदद मिली और ना कोई प्रशंसा। वो पैरा वर्ल्डकप में हिस्सा लेना चाहती है मगर पैसों की कमी के चलते वो तैयारी नहीं कर पा रही। सोनिया के कोच विक्रांत सिंह को पूरा भरोसा है अगर सरकार से मदद मिले तो सोनिया हर हाल में देश के लिए फरवरी में होने वाले दुबई में वर्ल्ड कप में पदक जीत कर लाएगी। उन्होंने बताया की सोनिया काफी हिम्मत वाली लड़की है वो कभी भी हिम्मत नहीं हारती। Read Also: बनारस की इन तीन मुस्लिम बहनों को आमिर खान ने भी किया सलाम

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