बेटे ने मां को इसलिए घर से निकाल दिया कि वो रोटी न मांगे
पति के जाने के बाद सारी जमीन-जायजाद और पैसे हमने बेटे और बहू को दे दिए।
पटना। कलयुगी बेटे के आतंक से एक बूढ़ी मां थाने पहुंची और लड़खड़ाती जुबान से अपने बेटे और बहू की करतूत सुनाई। जिसे सुनने के बाद थाने में बैठे दरोगा की भी आंखें भर आई। बूढ़ी मां का कहना था कि एक वक्त का खाना देने के लिए बहू और बेटे इस कदर मारते-पीटते हैं कि अब जीना दुश्वार हो गया है। रोजाना बात-बात पर मारपीट करना उन लोगों की आदत हो गई है। लेकिन अब तो हद ही हो गई, बेटे ने खाना मांगने पर मारपीट करते हुए घर से बाहर ही निकाल दिया है।

मां ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि अब मैं इस अवस्था में कहां जाऊंगी। पिछले दो दिनों से कुछ खाया पिया भी नहीं है। मुझे इंसाफ चाहिए...बूढ़ी मां की जुबान से इस तरह की बात सुनने के बाद पुलिस ने उसके बेटे रमेश और बहू मालती को थाने बुलाया और समझाने की कोशिश करने लगी। हालांकि वो लोग मानने के लिए तैयार नहीं है।
जानकारी के मुताबिक बूढ़ी मां को प्रताड़ित करने वाला मामला पश्चिम चंपारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के धुमनगर कोहड़ा टोला गांव का है। यहां एक बूढ़ी मां को खाने के लिए रोज मारापीटा जाता है। पिछले दो दिनों से छटपटा रही मां की कलयुगी बेटे और बहू को कोई चिंता नहीं है। वहीं मां के पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचा तो वो थाने पहुंची और अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई। बूढ़ी महिला ने थानेदार से कहा कि पति की मृत्यु 5 साल पहले हो गई थी। पति के जाने के बाद सारी जमीन-जायजाद और पैसे हमने बेटे और बहू को दे दिए। पैसा और जमीन मिलने के बाद दोनों ने अपना रंग दिखाना शुरू किया और बात-बात पर मारपीट करते हैं तो अब घर से निकाल ही दिया।
बूढ़ी मां मुनर देवी का कहना है कि अब उसके पास कुछ भी नहीं है। ऐसे में अब वो कहां जाएं। शहर में अनाथ और बेसहारा महिलाओं के रहने के लिए वृद्धा आश्रम भी खोले गए हैं पर गांव में वैसा कुछ नहीं है। पिछले 2 दिनों से उसका हाल भिखारी जैसे हो गया है। वो स्कूल में बना हुआ खाना खाती हैं और रास्ते पर सोती है, क्या इस मां को न्याय नहीं मिलना चाहिए!












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