Bihar Politics: विधानसभा चुनाव से पहले JDU को झटका, कांग्रेस में शामिल हुए नीतीश की पार्टी के नेता, बताई वजह
Bihar Politics: वक्फ बिल का समर्थन करने के बाद जदयू के जनाधार कमज़ोर हो चुका है। उनकी पार्टी का वोटबैंक खिसकता ही जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश को एक बार फिर ज़ोरदार झटका लगा है। सकरा से जेडीयू के पूर्व विधायक सुरेश चंचल और हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया।
बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने दोनों को उनके समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल कराया। सुरेश चंचल ने कहा कि राहुल गांधी के काम और विचारधारा से प्रेरित होकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। वहीं अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने भी बेबाक अंदाज़ में अपनी बात रखी।

हाजी परवेज़ सिद्दीकी ने सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व की आलोचना की, वहीं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया गया है। कुछ लोगों ने उन पर नियंत्रण कर लिया है। अब भाजपा और जदयू के सिद्धांतों में कोई फर्क नहीं है।
नीतीश कुमार ने भाजपा के बैनर तले सत्ता में आने के बाद सामाजिक न्याय के साथ विश्वासघात शुरू कर दिया। वक्फ बिल पर भाजपा को समर्थन देने से यह ज़ाहिर हो ही गया कि नीतीश कुमार अब खुद फ़ैसला नहीं ले रहे हैं, दूसरे के इशारों पर काम कर रहे हैं। हाजी परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि मैंने कई बार उनको अपना रुख साफ करने के लिए कहा, लेकिन वह खामोश रहे।
नीतीश कुमार की ख़ामोशी ने यह बता दिया कि वह अब अल्पसंख्यकों के हित में बात करने में असमर्थ हैं। नीतीश कुमार और भाजपा के सिद्धांतों में कोई अंतर नहीं है। दोनों पार्टियों की विचारधारा एक समान होने चुकी है। बिहार में डबल इंजन की सरकार में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, अपराध चरम है।
सुशासन की सरकार का ढोल पीटने वाले अब आपराधिक गतिविधियों पर ख़ामोश क्यों हैं, क्या सरकार ही अपराधियों को संरक्षण दे रही है या फिर सरकार में बैठे लोग यह कबूल कर लें कि वह सत्ता को संभालने में नाकाम हो चुके हैं। आगामी चुनाव में जनता के हित को देखते बिहार की सियासत रुख लेगी और हम लोग मज़बूती से प्रदेश में विकास की नई ईबारत लिखेंगे।












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